भारत का पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) दुनिया का सबसे बड़ा फूड डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम है, जो देश के 80 करोड़ से अधिक लोगों को हर महीने सब्सिडी पर राशन उपलब्ध कराता है। देश में करीब 23 करोड़ सक्रिय राशन कार्ड हैं और निचले तबके के करोड़ों परिवारों के लिए यह किसी लाइफलाइन से कम नहीं है।
अब सरकार इस व्यवस्था को टेक्नोलॉजी से और मजबूत करने जा रही है। जल्द ही राशन कार्ड की जगह QR कोड स्कैन कर फ्री या सब्सिडी वाला राशन लेने की सुविधा शुरू की जाएगी।
डिजिटल फूड कूपन का पायलट प्रोजेक्ट शुरू
भारत सरकार ने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) पर आधारित डिजिटल फूड कूपन का पायलट प्रोजेक्ट गुजरात के अहमदाबाद में शुरू किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस योजना का उद्घाटन किया।
इस पहल को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और गुजरात सरकार के सहयोग से लागू किया गया है।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
सरकार ने इस योजना का नारा दिया है— ‘हर दाना, हर रुपया, हर अधिकार।’
RBI के जरिए डिजिटल फूड कूपन जारी किए जाएंगे।
ये कूपन QR कोड आधारित होंगे।
लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में डिजिटल रुपया (e₹) के रूप में राशि भेजी जाएगी।
लाभार्थी फेयर प्राइस शॉप (FPS) पर QR कोड स्कैन कर अपना निर्धारित राशन प्राप्त कर सकेंगे।
क्या होंगे फायदे?
बायोमेट्रिक फेल और e-POS मशीन की तकनीकी खराबी जैसी समस्याएं कम होंगी।
फेयर प्राइस शॉप डीलरों को उनका मार्जिन रियल-टाइम में मिलेगा।
हर लेनदेन सुरक्षित, ट्रैक करने योग्य और रियल-टाइम रिकॉर्ड होगा।
सिस्टम अधिक पारदर्शी और तेज बनेगा।
यह पहल लाभार्थियों और दुकानदारों दोनों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है।
पहले चरण में कहां लागू होगा?
फिलहाल यह पायलट प्रोजेक्ट गुजरात के अहमदाबाद, आनंद, वलसाड और सूरत जिलों में शुरू किया गया है। आगे चलकर इसे चंडीगढ़, पुद्दुचेरी और दादरा एवं नगर हवेली, दमन एवं दीव में भी लागू करने की योजना है।
जानिए राशन कार्ड के प्रकार और उनके लाभ
भारत सरकार द्वारा चार प्रकार के राशन कार्ड जारी किए जाते हैं—नीला, गुलाबी, पीला और सफेद। इनके अलावा अंत्योदय अन्न योजना राशन कार्ड भी होता है।
पीला राशन कार्ड (BPL)
यह कार्ड गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों को दिया जाता है।
लाभ:
सब्सिडी पर अनाज, चीनी और मिट्टी का तेल
उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन
सरकारी आवास योजनाओं का लाभ
पात्रता:
ग्रामीण क्षेत्रों में सालाना आय 6400 रुपये तक
शहरी क्षेत्रों में सालाना आय 11850 रुपये तक
नीला राशन कार्ड
आर्थिक रूप से कमजोर, लेकिन BPL सूची में शामिल नहीं परिवारों को दिया जाता है।
लाभ:
चावल, गेहूं, चीनी, मिट्टी का तेल सब्सिडी पर
कुछ राज्यों में बिजली-पानी बिल में छूट
गुलाबी राशन कार्ड
गरीबी रेखा से थोड़ा ऊपर लेकिन सरकारी सहायता की जरूरत वाले परिवारों को जारी किया जाता है।
लाभ:
सामान्य दर पर अनाज
उज्ज्वला योजना और आवास योजना में छूट
अन्य सरकारी योजनाओं में सब्सिडी
सफेद राशन कार्ड
आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों को दिया जाता है।
उपयोग:
पहचान पत्र और एड्रेस प्रूफ के रूप में
जरूरत पड़ने पर सरकारी योजनाओं का लाभ
अंत्योदय अन्न योजना राशन कार्ड
यह कार्ड अत्यंत गरीब परिवारों को दिया जाता है, जिनके पास नियमित आय का कोई साधन नहीं होता।
इस श्रेणी में मजदूर, बुजुर्ग और बेरोजगार लोग शामिल होते हैं, जो पूरी तरह सरकारी सहायता पर निर्भर हैं।
घर बैठे ऐसे करें राशन कार्ड के लिए आवेदन
अपने राज्य के खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
“Apply for New Ration Card” या नया राशन कार्ड आवेदन पर क्लिक करें।
फॉर्म में नाम, जन्मतिथि, पता और परिवार के सदस्यों की जानकारी भरें।
आय, बैंक खाता और आधार नंबर दर्ज करें।
आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
सबमिट बटन पर क्लिक कर आवेदन जमा कर दें।
सरकार का दावा है कि डिजिटल फूड कूपन व्यवस्था से सार्वजनिक वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और लाभार्थी-केंद्रित बनेगी। आने वाले समय में यह बदलाव देशभर में राशन वितरण के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है।
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