वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या और “राम आयेंगे” की विडंबना
संवाददाता - मनोज कुमार यादवनई दिल्ली, 6 अगस्त। भारत – एक ऐसा देश जहाँ माता-पिता को देवता मानने की परंपरा है, जहाँ संस्कार और परिवार जीवन की नींव माने जाते हैं, वहीं आज वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या और उनमें बसे बुजुर्गों की पीड़ा समाज…
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