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Narwana

The Magic of Ramesh Gupta’s Pen from Narwana: Nearly 800 Letters in ‘The Tribune’—A Passion That…

Gustakhi Maaf, Haryana – By Pawan Kumar Bansal Narwana’s ‘Lucky’ Voice in “The Tribune”Meet Ramesh Gupta of Narwana—arguably one of the most consistent yet understated contributors to “The Tribune.” Not a reporter by designation,…
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“लोग चढ़ते सूरज को सलाम करते हैं” — नरवाना में सुनाया गया कांग्रेस राजनीति का पुराना किस्सा

गुस्ताख़ी माफ़ हरियाणा — पवन कुमार बंसल नरवाना में हाल ही में 90 वर्षीय वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और करीब चार दशकों तक Shamsher Singh Surjewala के करीबी रहे लछमन देव आर्य ने एक दिलचस्प राजनीतिक किस्सा सुनाया था। आर्य साहब अब इस दुनिया में नहीं…
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“चौधरन, खबर का महकमा तो उसका है। अगर मेरे घरवाले ने तुझे छेड़ा है तो दफ्तर चल। चार जूते तू मारियो और…

गुस्ताखी माफ हरियाणा — पवन कुमार बंसल अपने घरवाले ने संभाल ले! मेरी किताब “हरियाणा के लालों के सबरंग किस्से” से साभारराजनीति और करप्शन पर चर्चा पढ़कर आप भी बोर हो गए होंगे। अब थोड़ा मनोरंजन।1987 में लेखक चंडीगढ़ जनसत्ता का रिपोर्टर…
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