लखनऊ में मर्द कम हैं, मरीज़ ज़्यादा?
गुस्ताखी माफ़ हरियाणा – पवन कुमार बंसल
लखनऊ में जब पहली बार म्युनिसिपैलिटी के चुनाव हुए, तो चौक से अपने ज़माने की मशहूर तवायफ़, महफ़िलों की रौनक और नज़ाकत की मिसाल — दिलरुबा जान — उम्मीदवार बनीं। उनके रुतबे और लोकप्रियता का ऐसा असर था कि…
Read More...
Read More...
