बेज़ुबानों को पिला रहे पानी: इंसानियत सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होती.. इस बात की मिसाल है पहल…
गर्मी जब अपने चरम पर होती है, तो इंसान छाँव ढूँढ लेता है, कहीं बाहर होने पर या न मिलने पर पानी खरीद कर पी लेता है, कुल मिलाकर प्यास बुझाने के हजार रास्ते तलाश लेता है.. लेकिन, उन बेज़ुबान परिंदों और जानवरों का क्या, जो न तो किसी के घर का…
Read More...
Read More...
