“चौधरन, खबर का महकमा तो उसका है। अगर मेरे घरवाले ने तुझे छेड़ा है तो दफ्तर चल। चार जूते तू मारियो और…
गुस्ताखी माफ हरियाणा — पवन कुमार बंसल
अपने घरवाले ने संभाल ले!
मेरी किताब “हरियाणा के लालों के सबरंग किस्से” से साभारराजनीति और करप्शन पर चर्चा पढ़कर आप भी बोर हो गए होंगे। अब थोड़ा मनोरंजन।1987 में लेखक चंडीगढ़ जनसत्ता का रिपोर्टर…
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