सांसारिक सुख भोगते हुए अपनी औकात में रहें, क्योंकि अंतिम पड़ाव मौत है
गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल
सांसारिक सुख भोगते हुए अपनी औकात में रहें, क्योंकि अंतिम पड़ाव मौत है, जहां खाली हाथ जाना है।
मेरे ड्राइंग रूम में एक पेंटिंग है, जो मुझे हमेशा प्रेरणा देती है। आज से तीस साल पहले एक कलाकार मित्र ने…
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