खाते समय आता है पसीना? जानिए कब है सामान्य और कब हो सकता है बीमारी का संकेत

हम में से कई लोगों को खाना खाते समय पसीना आने की समस्या होती है। अक्सर लोग इसे गर्म मौसम या गरम भोजन का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यदि बार-बार खाते समय माथे, चेहरे, गर्दन या सिर से अधिक पसीना आने लगे, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि कहीं यह किसी बीमारी का संकेत तो नहीं।

ग्रेटर नोएडा स्थित एनआईआईएमएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की सहायक प्रोफेसर डॉ. सुमोल रत्ना के अनुसार, खाते समय पसीना आना हमेशा गंभीर समस्या नहीं होता, लेकिन कुछ मामलों में यह शरीर के अंदर चल रही गड़बड़ी की ओर इशारा कर सकता है।

क्यों आता है पसीना?

पसीना आना शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है। जब शरीर का तापमान बढ़ता है या नर्वस सिस्टम सक्रिय होता है, तब पसीने की ग्रंथियां काम करने लगती हैं। खाना खाते समय पाचन तंत्र सक्रिय होता है और मेटाबॉलिज्म बढ़ता है, जिससे हल्का पसीना आ सकता है। खासतौर पर गरम, मसालेदार या ज्यादा कैलोरी वाला भोजन शरीर को अधिक मेहनत करवाता है, जिससे पसीना आना सामान्य है।

‘फूड-इंड्यूस्ड स्वेटिंग’ क्या है?

तेज मसालेदार खाना खाते ही कुछ लोगों को पसीना आने लगता है। मिर्च और मसालों में मौजूद तत्व नसों को उत्तेजित करते हैं, जिससे शरीर को गर्मी का संकेत मिलता है और पसीना निकलता है। इसे ‘फूड-इंड्यूस्ड स्वेटिंग’ कहा जाता है। यह कोई बीमारी नहीं है, लेकिन ऐसे लोगों को मसालेदार भोजन कम करना चाहिए।

‘गस्टेटरी स्वेटिंग’ की समस्या

कुछ लोगों को खाना देखते ही या चबाते समय चेहरे और माथे पर पसीना आने लगता है। इसे ‘गस्टेटरी स्वेटिंग’ कहा जाता है। हल्के रूप में यह सामान्य हो सकता है, लेकिन यदि पसीना बहुत ज्यादा और रोजाना आए तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

डायबिटीज में चेतावनी संकेत

डायबिटीज के मरीजों में खाते समय पसीना आना लो ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है। इसके साथ हाथ-पैर कांपना, कमजोरी, चक्कर या घबराहट भी महसूस हो सकती है। ऐसे में तुरंत ब्लड शुगर की जांच करवानी चाहिए।

नर्वस सिस्टम में गड़बड़ी

ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम शरीर की कई क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जैसे पसीना, दिल की धड़कन और पाचन। यदि इसमें गड़बड़ी हो जाए तो मामूली गतिविधि पर भी ज्यादा पसीना आ सकता है। यह समस्या लंबे समय से डायबिटीज या अन्य बीमारियों में देखी जा सकती है।

थायरॉयड और दिल से जुड़ी समस्या

हाइपरथायरॉयडिज्म में मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है, जिससे अधिक पसीना, दिल की तेज धड़कन और वजन कम होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसी तरह हाई ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी समस्याओं में भी खाना खाते समय पसीना आ सकता है। यदि पसीने के साथ सीने में दर्द, सांस फूलना या चक्कर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

एलर्जी और तनाव भी हो सकते हैं कारण

किसी खास भोजन से एलर्जी होने पर पसीने के साथ खुजली, लाल चकत्ते, पेट दर्द या उल्टी हो सकती है। वहीं मानसिक तनाव और चिंता भी खाते समय पसीना आने का बड़ा कारण बन सकते हैं। तनाव के दौरान नर्वस सिस्टम ज्यादा सक्रिय हो जाता है।

कब लें डॉक्टर की सलाह?

यदि कभी-कभी हल्का पसीना आता है और अन्य लक्षण नहीं हैं, तो चिंता की जरूरत नहीं। लेकिन अगर रोजाना अत्यधिक पसीना आए या इसके साथ कमजोरी, चक्कर, सीने में दर्द, वजन घटना या अत्यधिक थकान हो, तो जांच जरूरी है।

बचाव के उपाय

बहुत ज्यादा मसालेदार और गरम भोजन से बचें

धीरे-धीरे और शांत वातावरण में भोजन करें

डायबिटीज और थायरॉयड की नियमित जांच कराएं

तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान और हल्की एक्सरसाइज अपनाएं

विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें। खाते समय पसीना कई बार सामान्य होता है, लेकिन कभी-कभी यह किसी अंदरूनी बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। समय पर जांच और सही सलाह से इस समस्या को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

 

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Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें

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