ऐलनाबाद ( एम पी भार्गव): जिला में पराली प्रबंधन को लेकर प्रशासन पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है। ड्यूटी पर तैनात अधिकारी जहां फील्ड में रहकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं। वहीं गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वीरवार को कृषि विभाग के अधिकारियों व विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को पराली न जलाने बारे जागरूक किया। इस दौरान पराली या फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी और अपील की कि सभी को इस बारे में जागरूक करें।
जिला के गांव दड़बा कलां, बणी, रानियां, गंगा, मिर्जापुर, खैरेकां आदि गांवों में राजकीय स्कूलों के विद्यार्थियों ने रैली निकालकर आमजन को पराली न जलाने का संदेश दिया। स्कूली विद्यार्थियों ने हाथ में पराली न जलाने के स्लोगन की पट्टिका लिए हुए थे। स्कूली बच्चों ने पर्यावरण बचाएंगे, पराली नहीं जलाएंगे नारे के साथ गांव वासियों को संदेश दिया।
जागरूकता रैली के माध्यम से अधिकारियों, स्कूली अध्यापकों व विद्यार्थियों ने ग्रामीणों से कहा कि पराली जलाने से जहां एक और पर्यावरण दूषित होता है तथा जलवायु पर बुरा असर पड़ता है वहीं दूसरी ओर मानव जीवन के स्वास्थ्य पर भी इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे बेलर की सहायता से पराली की गांठे बनाकर फसल अवशेष प्रबंधन करें, ताकि हमारा पर्यावरण सुरक्षित रह सके। पर्यावरण को स्वच्छ रखने हम सबका सामूहिक कर्तव्य है, इसलिए किसान पराली को जलाए न, बल्कि इसका बेहतर प्रबंधन करें। पराली जलाने से भूमि के मित्र कीट भी इसकी चपेट में आ जाते हैं तथा इसका धुआं स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होता है।
