ऐलनाबाद, 26 दिसंबर (एम पी भार्गव ) श्रीमद् भागवत गीता शक्तिपीठ केंद्र, कुरुक्षेत्र के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन आज एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक महोत्सव के रूप में हुआ। सातवें दिन की कथा मात्र एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि राष्ट्र और संस्कृति के प्रति गौरव की अभिव्यक्ति बन गई।
सामाजिक समरसता महायज्ञ एवं वीर साहिबजादों को नमन
प्रातःकालीन यज्ञ: दिन का शुभारंभ सामाजिक समरसता महायज्ञ के साथ हुआ, जिसमें सभी वर्गों ने एकजुट होकर विश्व शांति की आहुतियां दीं।
बलिदान दिवस: आज का दिन हुतात्मा वीर जोरावर सिंह और फतेह सिंह जी के बलिदान को समर्पित रहा। कथा पांडाल में साहिबजादों की वीरता को याद कर सबकी आँखें नम हो गईं। ‘गौ रक्षा हस्ताक्षर अभियान’ के माध्यम से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
तुलसी पूजन एवं अटल जयंती महोत्सव
तुलसी पूजन: पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव को पीछे छोड़ते हुए आज ‘तुलसी पूजन दिवस’ मनाया गया। बच्चे और युवा भारतीय परिवेश में सज्ज होकर आए, जिससे नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का संदेश मिला।
अटल जयंती: पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म दिवस पर उनकी स्मृतियों को नमन किया गया।
अतिथियों की गरिमा:* इस विशेष सत्र की अध्यक्षता श्री देवेंद्र जी गोयल ने की और मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध समाजसेवी श्री अंजनी जी लढ़ा उपस्थित रहे।
महिला मंडल द्वारा दीदी श्री का सम्मान
विशेष सम्मान: श्री राम मंदिर महिला मंडल की सदस्य बहनों द्वारा व्यास पीठ (दीदी श्री) का भव्य सम्मान किया गया।
महत्व: मातृशक्ति द्वारा किया गया यह सम्मान नारी शक्ति की भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक बना। सभी उपस्थित महिलाओं को श्रीमद् भगवत गीता भेंट की गई।
नगर में निकली विशाल शोभा यात्रा: राम मंदिर से गौशाला तक
नेतृत्व: पूज्य संत श्री भरत मुनि जी के पावन सान्निध्य और नेतृत्व में ऐलनाबाद नगर में एक विशाल शोभा यात्रा निकाली गई।
मार्ग: यह यात्रा श्री राम मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए श्री गौशाला पर संपन्न हुई।
दृश्य: लाल और पीली साड़ियों में सजी मातृशक्ति, भजनों पर झूमते भक्त और पुष्प वर्षा के बीच प्रभु की पालकी ने पूरे शहर को ‘छोटा वृंदावन’ बना दिया।
. मुख्य अतिथि एवं यजमान सेवा
मुख्य अतिथि: आज के समापन समारोह के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध समाजसेवी श्री संजय जी सिंगला रहे।
परिवार सहित सेवा:* श्री संजय जी ने सपरिवार व्यास पीठ का पूजन किया और आरती में भाग लेकर इस सात दिवसीय यज्ञ की पूर्णाहुति की।
आयोजन का महत्व एवं संकल्प
यह कथा केवल श्रवण के लिए नहीं, बल्कि जीवन में परिवर्तन के लिए है। कथा के विश्राम के साथ ही महाराज जी प्रयाग तीर्थराज में मौन साधना (19 दिसंबर 2025 – 03 जनवरी 2026) के लिए प्रस्थान करेंगे।
कार्यकर्ता आभार: सभी समाजसेवी बंधु ऐलनाबाद, श्री राम मंदिर महिला मंडल, समस्त सेवादारों की टीम ने इस आयोजन को सफल बनाने में रात-दिन एक कर दिया।
