यूपी पुलिस के लक्ष्यों को साधने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष टीमें गठित, अपराध और तकनीक दोनों पर होगा फोकस
- रिपोर्ट: मंजय वर्मा
लखनऊ, 1 जुलाई: उत्तर प्रदेश पुलिस ने राज्य में बेहतर कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और साइबर अपराध पर लगाम लगाने जैसे विभिन्न प्राथमिकताओं को हासिल करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की विशिष्ट टीमों का गठन किया है। पुलिस विभाग की इस रणनीति में “जीरो टॉलरेंस” नीति को केंद्र में रखते हुए, अनुभवी अफसरों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अपराध और अपराधियों पर सख्ती:
ADG एस.के. भगत और पीयूष मोर्डिया को अपराध नियंत्रण एवं अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत काम करेंगे।
महिला सशक्तिकरण व सुरक्षा:
महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण हेतु ADG पद्मजा चौहान और अनुपम कुलश्रेष्ठ को नामित किया गया है, जो इस दिशा में व्यापक कार्ययोजना बनाएंगे।
साइबर अपराध पर नियंत्रण:
तेज़ी से बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए ADG बिनोद कुमार सिंह और नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह को जिम्मेदारी दी गई है।
कानून-व्यवस्था:
राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ADG अमिताभ यश और आलोक सिंह की टीम कार्यरत रहेगी।
बेहतर पुलिस सेवाएं:
जनसामान्य को गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवा प्रदान करने हेतु ADG नवीन अरोरा और भानु भास्कर को नामित किया गया है।
पुलिस कल्याण:
पुलिसकर्मियों के हितों और कल्याण की जिम्मेदारी DG आर.के. भारद्वाज और आगरा CP दीपक कुमार को दी गई है।
प्रतिभा और विशेषज्ञता:
IG नचिकेता झा और लखनऊ CP अमरेन्द्र कुमार सेंगर को पुलिस बल की प्रतिभा एवं विशेषज्ञता के विकास का दायित्व सौंपा गया है।
तकनीक और एआई का प्रयोग:
पुलिसिंग में तकनीक व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग हेतु ADG नवीन अरोरा और कानपुर CP अखिल कुमार को शामिल किया गया है।
प्रशिक्षण:
ADG राजीव सब्बरवाल और डॉ. बीआरए को पुलिस प्रशिक्षण प्रणाली को और प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी मिली है।
यातायात व्यवस्था:
ADG के. सत्य नारायण और वाराणसी CP मोहित अग्रवाल राज्य में सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने पर काम करेंगे।
जनशिकायत निवारण:
जनता की शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी निपटारे के लिए ADG रमित शर्मा को जिम्मेदारी दी गई है।
उत्तर प्रदेश पुलिस की यह नई पहल न सिर्फ कानून व्यवस्था को और मजबूत करेगी, बल्कि जनविश्वास में भी इज़ाफा करेगी।
