- रिपोर्ट- शिवेंदु श्रीवास्तव
सोनभद्र (बीजपुर)। जरहा न्याय पंचायत के दूरदराज गाँवों और कस्बों से आए सैकड़ों किसानों ने सोमवार को बखरिहवा लेम्पस पर खाद न मिलने से आक्रोशित होकर बीजपुर–रेणुकूट मुख्य मार्ग पर घंटों जाम लगाया। तेज धूप और उमस भरी गर्मी में जाम के कारण वाहन फंस गए, जिससे बसों, निजी गाड़ियों और स्कूल वाहनों में बैठे यात्री व बच्चे बेहाल हो उठे। किसान अलसुबह से भूखे-प्यासे लेम्पस पर खाद लेने के लिए लाइन में खड़े थे। सुबह 11 बजे तक न तो लेम्पस सचिव द्वारा कोई सूचना दी गई और न ही नोटिस बोर्ड अथवा दीवार पर कोई सूचना चस्पा की गई। मौके पर जानकारी देने वाला कोई जिम्मेदार व्यक्ति भी मौजूद नहीं था। रोज की तरह चक्कर काटने से परेशान किसानों का सब्र आखिर टूट गया और उन्होंने मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।
किसानों का आरोप है कि लेम्पस कर्मियों ने खाद का आधा-अधूरा वितरण किया और फिर वितरण बंद कर दिया। जब किसान जानकारी लेने पहुँचे तो सचिव की ओर से बताया गया कि उनकी तबीयत खराब है और वे अस्पताल में भर्ती हैं। बिना किसी आधिकारिक सूचना के इस तरह वितरण रोक देने से किसानों में भारी आक्रोश फैल गया। मौके पर मौजूद किसानों ने सचिव की कार्यशैली के खिलाफ जमकर हंगामा किया।
किसानों ने बताया कि धान की रोपाई से लेकर अब तक डीएपी और यूरिया खाद की किल्लत बनी हुई है। मजबूरी में उन्हें कालाबाजारी करने वालों से ऊँचे दामों पर खाद खरीदकर रोपाई करनी पड़ी। अब जबकि धान की फसल तैयार है, पर्याप्त यूरिया खाद न मिलने से फसल चौपट होने की कगार पर पहुँच गई है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि जो सरकारी खाद आई थी, उसका दो दिन आधा-अधूरा वितरण करके लेम्पस ने बिना सूचना के रोक दिया।
जाम की सूचना पर बीजपुर पुलिस मौके पर पहुँची और किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान खाद वितरण शुरू कराने की मांग पर अड़े रहे। इस बाबत एसडीएम दुद्धी अखिल यादव ने बताया कि एडीसीओ को मौके पर भेजा गया है। जानकारी मिली है कि सचिव की तबीयत खराब होने से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, इसी वजह से खाद वितरण नहीं हो सका। एसडीएम ने कहा कि जल्द ही वितरण कराने की कवायद की जा रही है और जाम खुलवाने के लिए पुलिस व पीएसी भेजी जा रही है।
