- रिपोर्ट- शिवेंदु श्रीवास्तव
सोनभद्र। जिले के चोपन ब्लॉक में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली एक बार फिर उजागर हुई है। खाड़र पनारी गांव की एक गर्भवती महिला को समय पर एंबुलेंस न मिलने से ओबरा डिग्री कॉलेज के पास खड़ी बोलेरो में ही प्रसव करना पड़ा परिजनों का कहना है कि बार-बार कॉल करने के बावजूद एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंची। एंबुलेंस कर्मियों ने खराब सड़क का हवाला देकर आने से मना कर दिया। मजबूरी में महिला को बोलेरो से अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसे बच्चे को जन्म देना पड़ा। गांव के लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। कई बार प्रसव पीड़िताओं को समय पर इलाज नहीं मिल पाता और परिजन निजी गाड़ियों का सहारा लेने को मजबूर होते हैं।आशा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि रात में एंबुलेंस सेवा पूरी तरह ठप हो जाती है। गरीब परिवार शिकायत करने से भी कतराते हैं, जिस वजह से ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आती हैं। इस लापरवाही ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि क्षेत्र में एंबुलेंस सेवाओं को तत्काल दुरुस्त किया जाए, ताकि प्रसव जैसी आपात स्थितियों में महिलाओं को जोखिम न उठाना पड़े।
