- रिपोर्ट: शाहबाज़ खान, रामपुर
रामपुर। रामपुर के बहुचर्चित पायल हत्याकांड में सेशन कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सभी छह आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक दोषी पर ₹35-₹35 हजार का जुर्माना भी लगाया है। इस फैसले के साथ ही पायल के परिवार को करीब 8 साल बाद न्याय मिला है।
अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए आरोपियों में जहांगीर, इमरोज़, निसार, प्रभजीत उर्फ सागर, ताहिर और दानिश शामिल हैं। इससे पूर्व अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया था और सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद आज अंतिम फैसला सुनाया गया। अभियोजन पक्ष ने इस मामले को जघन्य अपराध बताते हुए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार किया।
यह सनसनीखेज मामला 27 नवंबर 2018 की रात का है, जब पुलिस ने कोसी नदी किनारे स्थित ताहिर खां के फार्म हाउस से पायल का शव बरामद किया था। जांच में सामने आया था कि पायल की निर्मम हत्या कर उसके शव को तीन टुकड़ों में काटा गया और फिर सबूत मिटाने के इरादे से जमीन में दबा दिया गया था। इस वीभत्स घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था और लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था।
पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल से बरामद सामग्री, प्रत्यक्ष व परिस्थितिजन्य साक्ष्य, गवाहों के बयान और तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत चार्जशीट दाखिल की गई थी। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने सभी सबूतों के आधार पर आरोपियों को दोषी पाया।
फैसले के बाद अदालत परिसर में भावुक माहौल देखने को मिला। पायल के परिजनों और अधिवक्ताओं ने न्यायालय का आभार व्यक्त करते हुए “थैंक यू” और “धन्यवाद” कहा। इस फैसले को न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे समाज में कानून के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।
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