सिरसा (सी एम ग्रोवर प्रेसवार्ता) हरियाणा राज्य के जिला मुख्यालय सिरसा के कुछ राजसी दिग्गजों का कुत्तों के प्रति उमड़ते प्रेम को देखकर आसपास के शहरों व कस्बों के कुत्तों ने सिरसा में डेरा डाल दिया है,जो आमजन के गले की फांस बन रहे हैं। स्थानीय कांग्रेसी विधायक गोकुल सेतिया ने नगर परिषद के चेयरमैन शांति स्वरूप को मशवरा दिया था कि “शांति कुत्तों के आगे मत नाचना”। उक्त मशवरा क्यों और किसके लिए दिया गया, जगजाहिर है। इसी बीच भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने “कुत्तों को दूध पिलाने” की शब्दावली इस्तेमाल कर यह संकेत दे दिया कि उनका भी कुत्तों के प्रति लगाव है। राजसी दिग्गजों की यह शब्दावली आमजन पर भारी पड़ी, क्योंकि दूध के दाम बढ़ गए और कुत्तों की संख्या में इजाफा हुआ। मीडिया कर्मियों ने राजसी दिग्गजों के कुत्तों के प्रति लगाव को हवा दी, तो उनकी शब्दावली की भाषा बदल गई। इस पर कुत्तों के फोक्स पर मीडिया कर्मी आ गये, जहां तक कुत्तों का पहुंचना आसान नहीं रहा तो उन्होंने अखबार बांटने वाले को चपेट में लेकर घायल कर मीडिया कर्मियों को भी सतर्क कर दिया। स्थिति ऐसी बन गई है कि शहर में आवारा कुत्तों का बढ़ता आंकड़ा भविष्य में क्या रंग लायेगा,यह तो आने वाला समय ही बताएगा, मगर राजसी दिग्गजों का इनके प्रति घटता लगाव आमजन के गले की फांस बनता जा रहा है।
