Shardiya Navratri Day 4: नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा, जानें आरती और भोग का महत्व

नई दिल्ली। Shardiya Navratri Day 4 –शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन मां दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होता है। हिंदू मान्यता के अनुसार मां कूष्मांडा ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की थी। अष्टभुजा स्वरूप धारण करने के कारण इन्हें अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है। शारदीय नवरात्रि 2025 के दौरान 4 दिन यानी माँ कुष्मांडा की पूजा 26 september को मनाई जायेगी जब भक्त माता कूष्मांडा की पूजा कर सुख-समृद्धि, बल और दीर्घायु की कामना करेंगे।

शारदीय नवरात्रि 2025 के दौरान तृतीय तिथि 2 दिन की है यानी नवरात्रि पूरे 10 दिन की रहेगी

 धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कूष्मांडा ही ब्रह्मांड की उत्पत्ति का कारण बनी थीं। उनकी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड का निर्माण हुआ और इसीलिए उन्हें आदिशक्ति भी कहा जाता है। देवी कूष्मांडा की आठ भुजाएं हैं, इसलिए इन्हें अष्टभुजा देवी के नाम से भी पूजा जाता है। माना जाता है कि वे अनाहत चक्र को नियंत्रित करती हैं और उनकी उपासना से भक्तों को आरोग्य, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

मां कूष्मांडा को प्रिय भोग

मां कूष्मांडा को मालपुआ का भोग विशेष प्रिय है। पूजा के समय उन्हें मालपुआ का भोग लगाने से देवी प्रसन्न होती हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं। इसके अलावा उन्हें हलवा और दही का भोग भी अर्पित किया जाता है। पूजा के बाद प्रसाद को परिवारजनों और श्रद्धालुओं में बांटा जाता है।

मां कूष्मांडा की आरती

पूजन के अंत में मां कूष्मांडा की आरती करना अत्यंत शुभ माना जाता है। आरती के साथ देवी का ध्यान करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार होता है।

इस प्रकार, Shardiya Navratri Day 4 को श्रद्धा और विधि-विधान से मां कूष्मांडा का पूजन करने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।

 

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामाजिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि khabrejunction.com नहीं करता। किसी भी निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।

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