नई दिल्ली। शारदीय नवरात्र 2025 (Shardiya Navratri 2025) का पावन पर्व इस वर्ष 22 सितंबर से शुरू हुआ है और 10 दिनों तक चलेगा। नवरात्र के छठे दिन मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से मां कात्यायनी की पूजा करने से साधक को शारीरिक कष्ट, भय, चिंता और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है। साथ ही अविवाहित कन्याओं के विवाह में आ रही बाधाएं भी दूर होती हैं।
मां कात्यायनी पूजा विधि (Maa Katyayani Puja Vidhi)
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ नारंगी या पीले रंग के वस्त्र पहनें।
मां को लाल रंग की चुनरी, शृंगार की सामग्री, पीले फूल और शहद अर्पित करें।
पूजा के बाद दीपक जलाकर आरती करें और प्रसाद बांटें।
विवाह में आ रही बाधाओं के लिए उपाय
यदि विवाह में देरी हो रही है तो नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा करके उन्हें छह गांठ हल्दी, पान का पत्ता और नारियल अर्पित करें। मान्यता है कि इस उपाय से विवाह योग शीघ्र बनने लगते हैं।
करें इन मंत्रों का जप –
नवरात्र के छठें दिन की पूजा में श्रद्धापूर्वक मां कात्यायनी के मंत्रों का जप करने से साधक को कई तरह के कष्टों से मुक्ति मिल सकती है। मां कात्यायनी की कृपा से साधक को शारीरिक कष्ट, भय, चिंता, दुख से मुक्ति व शत्रु पर विजय प्राप्त हो सकती है।
1. मां कात्यायनी का वंदना मंत्र –
कात्यायनी महामाये, महायोगिन्यधीश्वरी।
नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः।।
2. मां कात्यायनी का बीज मंत्र –
क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम:
3. मां कात्यायनी के लिए प्रार्थना मंत्र –
चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥
4. मां कात्यायनी का स्तुति मंत्र –
या देवी सर्वभूतेषु मां कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
