रामपुर में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वरुण कुमार पर गंभीर आरोप, महिला ने लगाया दुर्व्यवहार और चिकित्सा लापरवाही का आरोप
रामपुर। जनपद रामपुर के पहाड़ी गेट क्षेत्र की रहने वाली शाज़िया पत्नी फुरकान अहमद ने उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) डॉ. वरुण कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता के अनुसार, 14 जनवरी 2025 को वह आयशा नर्सिंग होम (निजी अस्पताल) में भर्ती थीं, जहां डिलीवरी के दौरान डॉ. वरुण कुमार ने ऑपरेशन थिएटर में आकर उन्हें रीढ़ की हड्डी में एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाया।
शिकायतकर्ता शाज़िया का कहना है कि इंजेक्शन के दौरान उन्हें असहनीय पीड़ा हुई और जब उन्होंने दर्द की शिकायत की, तो डॉ. वरुण ने उनकी बात को न केवल अनसुना किया बल्कि दुर्व्यवहार करते हुए अपशब्द कहे। इसके बाद वह बेहोश हो गईं। प्रसव के बाद से आज तक वह कमर दर्द और हाथ-पैरों में झनझनाहट जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं।
शाज़िया ने आरोप लगाया है कि डॉ. वरुण कुमार, जो कि वर्तमान में एक सरकारी डॉक्टर हैं, ने बिना अधिकृत अनुमति के निजी अस्पताल में सेवा देकर भारतीय चिकित्सा परिषद (2002) की धारा 7.19, भारतीय दंड संहिता की धारा 338, संविधान के अनुच्छेद 21 तथा उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली का स्पष्ट उल्लंघन किया है।
उन्होंने बताया कि उन्होंने 25 जून 2025 को जनसुनवाई पोर्टल पर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है तथा 1 जुलाई 2025 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में अपना बयान भी दर्ज कराया है।
शाज़िया की प्रमुख माँगें:
डॉ. वरुण कुमार के विरुद्ध विभागीय जांच शीघ्र शुरू की जाए।
उनके विरुद्ध संबंधित कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज हो।
पीड़िता को समुचित चिकित्सीय मुआवजा एवं न्याय दिया जाए।
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए जाएं।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करें।
