गुमशुदगी से अपहरण और हत्या का सनसनीखेज खुलासा – सीआईए ऐलनाबाद पुलिस की बड़ी सफलता, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
ऐलनाबाद, 19 अगस्त (एम.पी. भार्गव)। सीआईए ऐलनाबाद पुलिस ने एक गुमशुदगी के मामले का सनसनीखेज खुलासा करते हुए इसे अपहरण और हत्या की वारदात में बदलने का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था और अब ताजा कार्रवाई में मुख्य आरोपी सुनील उर्फ जसबीर उर्फ बाडू पुत्र लालचंद निवासी ममेरा खुर्द, जिला सिरसा को भी काबू कर लिया है।
मामले की शुरुआत 23 जुलाई 2025 को हुई थी, जब शिकायतकर्ता बलकरण सिंह पुत्र हंसराज निवासी भंगू ने अपने पुत्र गुरप्रीत सिंह उर्फ गुरी की गुमशुदगी की शिकायत थाना बड़ागूढ़ा में दर्ज करवाई थी। शुरुआत में इसे गुमशुदगी का मामला मानकर जांच शुरू की गई, लेकिन पुलिस की गहन जांच और साक्ष्यों ने इस केस को अपहरण और हत्या की ओर मोड़ दिया।
अब तक की जांच में पुलिस ने सुभाष उर्फ बग्गी, रामपाल उर्फ रामु, जगविंद्र सिंह उर्फ जग्गी, बलकार सिंह उर्फ हंटर और गुरप्रीत सिंह उर्फ गुप्पल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ और जांच में सामने आया कि इन आरोपियों ने साजिश के तहत पीड़ित गुरप्रीत सिंह को मोटरसाइकिल पर बैठाकर सिरसा ऑटो मार्केट ले जाया गया। इसके बाद कार में बहला-फुसलाकर अलग-अलग स्थानों जैसे नटार के खेत, झोरड़नाली और सिरसा में रखा गया।
सबूतों से यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने 10 मई 2025 को पीड़ित को उसके घर से उठाया और अगले दिन यानी 11 मई 2025 को उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, आरोपीगणों ने गुरप्रीत सिंह की गला दबाकर हत्या की और शव को राजस्थान राज कैनाल की पटरी पर ले जाकर पत्थरों से बांधकर पानी में फेंक दिया। मृतक का मोबाइल फोन, टी-शर्ट और पर्स भी मौके पर फेंक दिया गया था।
ताजा कार्रवाई के तहत 18 अगस्त 2025 को सीआईए ऐलनाबाद पुलिस ने मुख्य आरोपी सुनील उर्फ जसबीर उर्फ बाडू को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने वारदात में शामिल होने की बात कबूल कर ली।
पुलिस ने आरोपी को 19 अगस्त 2025 को माननीय अदालत सिरसा में पेश किया, जहां से उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि अन्य फरार साथियों की गिरफ्तारी की जा सके और पूरे षड्यंत्र से जुड़े और तथ्य सामने लाए जा सकें।
यह मामला न केवल इलाके में सनसनी फैला रहा है बल्कि पुलिस की सतर्कता और मेहनत से सच सामने आने पर पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद भी जगी है।
