नौकरी या पढ़ाई के सिलसिले में अक्सर युवाओं को एक शहर से दूसरे शहर जाना पड़ता है। ऐसे में किराए के कमरे में खरीदा गया सामान जैसे बेड, अलमारी, फ्रिज, बाइक या एसी सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। महंगे पैकर्स एंड मूवर्स के विकल्प के तौर पर रेलवे की पार्सल सर्विस एक किफायती और भरोसेमंद सुविधा साबित हो रही है, जिसके जरिए भारी सामान आसानी से दूसरे शहर भेजा जा सकता है।
रेलवे पार्सल सर्विस खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो अपने इस्तेमाल की चीजों या भावनात्मक रूप से जुड़े सामान को बेचना नहीं चाहते। इस सेवा के तहत सामान ट्रेन के जरिए सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुंचाया जाता है और इसका खर्च निजी ट्रांसपोर्ट कंपनियों की तुलना में काफी कम होता है।
पार्सल भेजने के लिए सबसे पहले नजदीकी रेलवे स्टेशन के पार्सल ऑफिस में संपर्क करना होता है। वहां सामान का वजन, ओरिजिन स्टेशन और डेस्टिनेशन स्टेशन की जानकारी देनी होती है। इसके बाद फॉरवर्डिंग लेटर भरकर वजन के अनुसार शुल्क जमा करना होता है। रेलवे ने ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी दी है, जिसके लिए www.parcel.indianrail.gov.in
पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर पार्सल बुक किया जा सकता है। ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद अनुमानित किराया दिखाई देता है, जिसका भुगतान डिजिटल माध्यम से किया जा सकता है।
पार्सल का किराया दूरी और वजन के आधार पर तय होता है। उदाहरण के तौर पर पटना से दिल्ली 25 किलो वजन का सामान भेजने पर करीब 320 रुपये का शुल्क लगता है। वहीं बाइक जैसे भारी वाहन को करीब 500 किलोमीटर दूर भेजने पर औसतन 1200 रुपये तक का भाड़ा हो सकता है। हालांकि पैकिंग का खर्च अलग से देना पड़ता है।
अगर बाइक पार्सल से भेजनी हो तो पेट्रोल टैंक पूरी तरह खाली करना जरूरी है। साथ ही बाइक के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की फोटोकॉपी, सही पैकिंग और फॉर्म में पूरी जानकारी देना अनिवार्य होता है। कार्डबोर्ड पर साफ अक्षरों में भेजने और प्राप्त करने वाले स्टेशन का नाम लिखकर बाइक के साथ बांधना होता है।
कुल मिलाकर रेलवे पार्सल सर्विस उन लोगों के लिए एक बेहतर विकल्प है, जो कम खर्च में अपना जरूरी सामान एक शहर से दूसरे शहर सुरक्षित पहुंचाना चाहते हैं।
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