हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर प्रभु तारा स्कूल में संगोष्ठी और कवि सम्मेलन का आयोजन

पटना सिटी: हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर सकरी गली स्थित प्रभु तारा स्कूल में संगोष्ठी एवं कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्कूल के बाल कवियों ने अपनी शानदार रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कृष, सोनाक्षी, पुष्पांजलि, शिक्षा, समृद्ध, आयांश, खुशी, प्रियांशी, सुहानी, मौसम, सावर्णी, मोनी और साक्षी सहित कई बाल कवियों की कविताओं को उपस्थित जनों ने खूब सराहा।

कार्यक्रम में डॉ. अविनाश भारती की कविता “कहीं जो मुकद्दर का मारा मिला है”, श्वेता ग़जल की रचना “बोलना जिसको सदा मेरे लिए सम्मान है”, और ग़जलकार विजय कुमार की कविता “हाँ दस्तूर यही है जीवन का” ने विशेष प्रभाव डाला।

डॉ. सुनील कुमार उपाध्याय ने भोजपुरी कविता ‘राम के नाम रही रसना पर’ सुनाई, वहीं प्रभात वर्मा ने मगही कविता प्रस्तुत की। प्रभात कुमार धवन की कविता ने बच्चों को आँधी-तूफान में भी डटे रहने का संदेश दिया।

हिन्दी दिवस पर विशेष कविता “हर्षित भाव से मैं हिंदी का अभिनंदन करता हूँ” ब्रह्मानंद पाण्डेय ने सुनाई। मनोज कुमार उपाध्याय ने रुपये के गिरते मूल्य पर चिंता व्यक्त की, जबकि युवा कवि अमन आकाश ने हिंदी की प्रगति और विकास पर जोर दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री कमल नयन श्रीवास्तव ने की। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी हिंदी को उसका उचित स्थान नहीं मिल पाया। उन्होंने सरकारों की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल एक दिन मनाने से हिंदी का विकास संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए निरंतर प्रयास करने होंगे।

कार्यक्रम का संचालन ब्रह्मानंद पाण्डेय ने किया। अतिथियों का स्वागत प्रधानाचार्य मनोज कुमार उपाध्याय ने किया और निदेशक मुकेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

 

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