तिआनजिन (चीन), 1 सितम्बर। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) ने सोमवार को पहेलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और भारत के इस रुख से सहमति जताई कि आतंकवाद से लड़ाई में दोहरे मापदंड किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हैं।
चीनी बंदरगाह शहर तिआनजिन में दो दिवसीय वार्षिक शिखर सम्मेलन के समापन पर जारी घोषणा पत्र में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को एक बड़ी चुनौती बताया गया। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई वैश्विक नेता शामिल हुए।
घोषणा पत्र में कहा गया, “सदस्य देशों ने 22 अप्रैल को पहेलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की।”
संगठन ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के खुजदार और जैफर एक्सप्रेस पर हुए आतंकी हमलों की भी निंदा की और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। सदस्य देशों ने साफ किया कि ऐसे हमलों के दोषियों, आयोजकों और प्रायोजकों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए।
SCO ने गाजा में इज़राइल की सैन्य कार्रवाई की भी आलोचना की, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत हुई है और गंभीर मानवीय संकट पैदा हो गया है।
घोषणा पत्र में यह भी कहा गया कि—
सदस्य देश आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।
आतंकवाद से लड़ाई में दोहरे मापदंड अस्वीकार्य हैं।
संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका को स्वीकार करते हुए, यूएन चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी आतंकी समूहों के खिलाफ वैश्विक लड़ाई की अपील की गई।
SCO ने यह भी स्पष्ट किया कि आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने में संप्रभु राष्ट्रों और उनकी सक्षम संस्थाओं की भूमिका सबसे अहम है और किसी भी स्थिति में आतंकी संगठनों का “किराए के साधन” के रूप में इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
