नई दिल्ली: सावन पूर्णिमा के साथ ही सावन माह का समापन होता है और भाद्रपद माह की शुरुआत होती है। यही दिन रक्षाबंधन पर्व का भी होता है, जिसे भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का अत्यधिक महत्व है और इस दिन व्रत, पवित्र नदी में स्नान व दान-पुण्य का विशेष महत्व माना गया है।
इस वर्ष 2025 में सावन पूर्णिमा तिथि दो दिन तक पड़ रही है, जिस कारण व्रत और स्नान-दान की तिथियों में अंतर रहेगा। आइए जानते हैं कि इस बार सावन पूर्णिमा कब है, पूजा का शुभ मुहूर्त, और इससे जुड़े धार्मिक नियम।
सावन पूर्णिमा 2025 की तिथि और समय
पूर्णिमा तिथि शुरू: 8 अगस्त 2025, दोपहर 2:13 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 9 अगस्त 2025, दोपहर 1:25 बजे
व्रत: 8 अगस्त 2025 को रखा जाएगा
स्नान-दान और रक्षाबंधन: 9 अगस्त 2025 को किया जाएगा
उदयातिथि के अनुसार रक्षाबंधन का पर्व भी 9 अगस्त को मनाया जाएगा।
स्नान और दान का शुभ मुहूर्त
दिन: शुक्रवार, 9 अगस्त 2025
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:22 बजे से सुबह 5:04 बजे तक
इस समय के दौरान गंगा स्नान, सूर्य अर्घ्य और दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
घर में कैसे करें पवित्र स्नान?
यदि आप किसी पवित्र नदी में स्नान नहीं कर सकते, तो आप घर में भी स्नान कर सकते हैं—
स्नान के लिए पानी में गंगाजल मिलाएं
स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें
फिर भगवान सत्यनारायण की कथा का पाठ करें और ध्यान व दान करें
सावन पूर्णिमा का महत्व
यह दिन धार्मिक व आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर होता है
व्रत, स्नान और दान से पापों का नाश होता है और पुण्य फल की प्राप्ति होती है
रक्षाबंधन पर भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और सुरक्षा का संकल्प लिया जाता है
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। khabrejunction.com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
