अमेरिका-ईरान तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर हमलों के बीच सऊदी अरब ने पहली बार बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने साफ कहा है कि उनके देश और अन्य खाड़ी देशों की सहनशीलता की भी एक सीमा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और इराक जैसे देशों को भी निशाना बनाया है, खासकर ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं। अब तक ये देश रक्षात्मक रुख अपनाए हुए थे, लेकिन लगातार हमलों के चलते उनका रुख सख्त होता जा रहा है।
सऊदी विदेश मंत्री ने ईरान पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये हमले ‘ब्लैकमेल करने की खुली कोशिश’ हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो खाड़ी देशों के पास भी जवाब देने की पूरी क्षमता और संसाधन मौजूद हैं।
बताया जा रहा है कि रियाद में क्षेत्रीय और इस्लामी देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से ठीक पहले ईरान की ओर से मिसाइलें दागी गईं। सऊदी अरब ने दावा किया कि उसने चार बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही नष्ट कर दिया, जो राजधानी रियाद की ओर बढ़ रही थीं। सऊदी का कहना है कि यह हमला जानबूझकर बैठक के समय किया गया, ताकि देशों को डराया जा सके।
यह पहली बार है जब सऊदी अरब ने ईरान के खिलाफ इतनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। सऊदी नेतृत्व ने आरोप लगाया है कि ईरान अपने प्रॉक्सी समूहों के जरिए भी पड़ोसी देशों के खिलाफ शत्रुतापूर्ण गतिविधियां चला रहा है।
वहीं ईरान का कहना है कि उसके हमले केवल उन ठिकानों पर हो रहे हैं, जहां अमेरिकी सेना या उसके ठिकाने मौजूद हैं। ईरान ने खाड़ी देशों से अपने यहां से अमेरिकी सैन्य मौजूदगी खत्म करने की मांग भी की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव के चलते हालात और बिगड़ सकते हैं, हालांकि सऊदी अरब के सीधे युद्ध में उतरने की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है।
