किसान पंचायत में उठा ग्रामीण मुद्दों का स्वर, सरकार की नीतियों पर बरसी तीखी आलोचना

भारतीय किसान यूनियन (श्रमिक जनशक्ति) के तत्वाधान में दिनांक 19 जुलाई 2025 को जनपद रामपुर के ग्राम सैजनी नानकर में एक विशाल किसान पंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में किसान, मजदूर, महिलाएं एवं बच्चे शामिल हुए। यह पंचायत ग्रामीण शहर क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं को सरकार तक पहुँचाने और उनके समाधान हेतु दबाव बनाने के उद्देश्य से आयोजित की गई।

किसान पंचायत को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव ने सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि –

“सरकार गांवों के विकास और किसानों की समृद्धि को लेकर गंभीर नहीं है। एक ओर गांव के सरकारी विद्यालयों को बंद करने की योजना बनाई जा रही है, वहीं बिजली के दाम बढ़ाकर गरीब जनता पर बोझ डाला जा रहा है। बिजली को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया चल रही है, जो आम जन के हितों के विरुद्ध है। सरकार केवल 5 किलो राशन देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रही है, जबकि रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। लोगों को आवास तो दिए जा रहे हैं, परंतु उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने की क्षमता नहीं दी जा रही।”

प्रदेश प्रवक्ता सत्येंद्र कुमार मौर्य ने पंचायत में बोलते हुए कहा –

“गांव की छोटी-छोटी नौकरियों जैसे किसान मित्र, शिक्षामित्र, आंगनवाड़ी, आशा बहू, रसोईया, रोजगार सेवक एवं प्रेरकों के माध्यम से ग्रामीणों को जीविका का साधन मिला था। सरकार को चाहिए कि इन्हें स्थायी किया जाए अथवा इन्हें सम्मानजनक मानदेय प्रदान किया जाए। साथ ही गांवों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु सरकारी विद्यालयों की स्थापना अनिवार्य है, ताकि लोगों का भरोसा पुनः सरकारी व्यवस्था में बहाल हो सके।”

“स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति दयनीय है – गांवों में सुलभ एवं सुसज्जित अस्पतालों की आवश्यकता है ताकि इलाज के अभाव में कोई गरीब अपनी जान न गंवाए। बेरोजगारी की दर चिंताजनक स्तर पर है; 18 से 35 वर्ष के युवाओं में आत्महत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं। सरकार को तत्काल रोजगारपरक योजनाओं को लागू करना चाहिए।”

मौर्य ने यह भी कहा कि –

“किसानों को समय से खाद और बीज नहीं मिल पा रहे हैं। खाद महंगी है और वितरण में भ्रष्टाचार व्याप्त है। नेहरियों की सफाई समय से न होने से सिंचाई प्रभावित हो रही है। पशुपालन में टीकाकरण का अभाव है। ज़मीनी माफियाओं का आतंक लगातार बढ़ रहा है और गरीबों की जमीनें जबरन छीनी जा रही हैं।”

“बुलडोजर नीति के नाम पर गरीबों को जबरन बेघर किया जा रहा है। यदि किसी गरीब ने अनधिकृत निर्माण किया है तो प्रशासन की पहली जिम्मेदारी थी कि वह निर्माण को रोकता। मकान गिराने से पहले उसे वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराना चाहिए।”

किसान पंचायत के अंत में एक मांगपत्र तैयार कर उप जिलाधिकारी, तहसील सदर, जनपद रामपुर को सौंपा गया। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि सभी मांगों एवं समस्याओं पर शीघ्र उचित कार्यवाही की जाएगी।

इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक मोहम्मद जुबैद खान ने क्षेत्रीय समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला एवं मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष बाबू खान, शाह जवान खान, प्रदेश मीडिया प्रभारी मोहम्मद इमरान, नगर अध्यक्ष जावेद खान, ब्लॉक अध्यक्ष उबेद खान, राजीव लोधी, नजराना बेगम, मोहम्मद गुलवेज, अब्दुल्ला खान, फैसल खान, नाजिम खान प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक यादव सहित संगठन के दर्जनों कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सभा का समापन प्रदेश प्रवक्ता सत्येंद्र कुमार मौर्य द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

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