रामपुर। क्रीड़ा भारती द्वारा 20 फरवरी को मेरठ में आयोजित होने वाली खेल संवाद गोष्ठी में रामपुर से खेल गुरु फरहत अली खान को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से विशेष निमंत्रण भेजा गया है। इस गोष्ठी में संघ प्रमुख मोहन भागवत भी खिलाड़ियों से संवाद करेंगे।
फरहत अली खान ने इस निमंत्रण को अपने जीवन की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह उनके लिए केवल आमंत्रण नहीं, बल्कि सम्मान और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्र को समर्पित संस्थाएं समाज के साथ-साथ खेलों पर भी गंभीरता से ध्यान देंगी, तब भारत को खेल महाशक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता।
उन्होंने देश की खेल नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2036 में भारत द्वारा ओलंपिक आयोजन की योजना पर काम किया जा रहा है। फरहत अली खान ने विश्वास जताया कि उस ओलंपिक में भारत केवल भाग ही नहीं लेगा, बल्कि हर खेल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी ताकत दुनिया को दिखाएगा।
खेलों के महत्व पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जुनून ही विजय की कुंजी है। किसी भी महान खिलाड़ी की गाथा उठाकर देख लें, उसमें शौक, मेहनत, निरंतर अभ्यास, खेल से प्रेम, अनुशासन, देशभक्ति और ईमानदार गुरु की अहम भूमिका होती है। उन्होंने खिलाड़ियों को संदेश दिया कि पहले आलस, लालच और समस्याओं से जीतना सीखें, क्योंकि जिले से लेकर विश्व स्तर और ओलंपिक का पदक हर खिलाड़ी के गले की शान बनने का इंतजार कर रहा है।
फरहत अली खान ने कहा कि आज जरूरत है इस सोच को विकसित करने की कि खिलाड़ी नौकरी पाने के लिए नहीं, बल्कि देश के तिरंगे की शान और सम्मान के लिए खेल रहे हैं। यही सोच खिलाड़ी को हमेशा के लिए देश की शान बना देती है।
अंत में उन्होंने आरएसएस द्वारा भेजे गए इस सम्मानजनक आमंत्रण के लिए आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।
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