- रिपोर्ट- विनोद मित्तल
फरीदाबाद: मंगलवार को हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया की मौजूदगी में केसों की सुनवाई के दौरान दो पक्ष आपस में भिड़ गए। हंगामे के बाद चेयरपर्सन ने एक पक्ष के एक व्यक्ति को पुलिस थाने भेज दिया।
वहीं कुरुक्षेत्र में अस्पताल निरीक्षण के दौरान की गई टिप्पणी पर नर्सों द्वारा पेनडाउन स्ट्राइक कर माफी की मांग किए जाने पर रेनू भाटिया ने साफ कहा कि वह माफी नहीं मांगेंगी। उनका कहना है कि अस्पताल में एक बच्ची के साथ हुई घिनौनी घटना बेहद गंभीर मामला है और उस दौरान नर्सों की मौजूदगी नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जो कार्रवाई की गई है, वह जरूरी थी और इसी के तहत तीन नर्सों को हटाने के आदेश भी दिए गए हैं।
रेनू भाटिया ने कहा कि अगर ऐसी घटना किसी और के परिवार के साथ होती तो वह भी कार्रवाई की मांग करते। उन्होंने दोहराया कि माफी का कोई सवाल नहीं उठता।
लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी चेयरपर्सन ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे करीब 60 प्रतिशत मामलों में आगे चलकर विवाद पैदा होते हैं और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं। उनका कहना है कि भले ही इसके लिए कानून बना हुआ है, लेकिन समय के साथ कानूनों में बदलाव होते रहते हैं, इसलिए लिव-इन रिलेशन से जुड़े कानूनों की भी समीक्षा और बदलाव किया जाना चाहिए।
