रिलायंस फाउंडेशन की अगुवाई में 170 करोड़ रुपये की ‘ShikshaNext’ पहल लॉन्च, 1.3 करोड़ बच्चों को मिलेगा AI आधारित शिक्षण
नई दिल्ली, 20 फरवरी 2026।देश में शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 170 करोड़ रुपये की बहु-साझेदार शिक्षा पहल ‘ShikshaNext’ की शुरुआत की गई है। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का लक्ष्य वर्ष 2029 तक देशभर में 1.3 करोड़ से अधिक बच्चों, विशेषकर वंचित समुदायों के विद्यार्थियों, को आधुनिक और AI आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षण अवसर उपलब्ध कराना है।
इस पहल का शुभारंभ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान किया गया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में शिक्षा, तकनीक और AI की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने इस पहल को सरकार, सामाजिक संस्थाओं और निजी क्षेत्र के सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए एडटेक को “सबका एडटेक” बनाने पर जोर दिया।
कई वैश्विक संस्थाएं बनीं साझेदार
इस पहल में गेट्स फाउंडेशन सह-एंकर पार्टनर की भूमिका निभा रहा है, जबकि सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन कार्यक्रम के मैनेजिंग पार्टनर के रूप में क्रियान्वयन का समन्वय करेगा। इसके अलावा माइकल एंड सुसान डेल फाउंडेशन भी इस पहल को वित्तीय सहयोग प्रदान कर रहा है।
रिलायंस फाउंडेशन ने कहा कि संस्था का उद्देश्य देश के हर बच्चे को उसकी क्षमता के अनुरूप सीखने और आगे बढ़ने का अवसर देना है। डिजिटल कनेक्टिविटी और 5G के विस्तार ने दूरदराज क्षेत्रों तक शिक्षा पहुंचाने की संभावनाओं को और मजबूत किया है।
तीन प्रमुख कार्यक्रमों के जरिए होगा क्रियान्वयन
‘ShikshaNext’ पहल को तीन प्रमुख कार्यक्रमों के माध्यम से लागू किया जाएगा—
EdTech ScaleX: प्रमाणित एडटेक और AI समाधानों को राज्य शिक्षा प्रणालियों से जोड़ा जाएगा।
EdTech Accelerator: नए और उच्च गुणवत्ता वाले तकनीकी समाधानों के विकास और विस्तार को समर्थन दिया जाएगा।
EdTech & AI Innovation Hub: भारतीय भाषाओं और विविध शिक्षण जरूरतों के अनुरूप नवाचारों का परीक्षण और सत्यापन किया जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल देश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, डिजिटल अंतर को कम करने और बच्चों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ‘ShikshaNext’ के माध्यम से लाखों छात्रों को आधुनिक तकनीक आधारित सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे भारत के शिक्षा क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन संभव है।
