रामपुर: खतौनी के नाम पर राजस्व विभाग कर रहा किसानों से लूट – तीन-तीन बार हो रही पैमाइश, नाराज़ किसानों ने कलेक्ट्रेट पर किया जोरदार प्रदर्शन
रामपुर। जिले में किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं और अब किसानों का आक्रोश सड़कों पर नजर आने लगा है। मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे यूनियन के जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग किसानों की एक नहीं सुन रहा है और पूरी तरह भ्रष्टाचार में डूबा है। उन्होंने कहा कि खतौनी के नाम पर किसानों से पांच-पांच हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं और एक ही जमीन की तीन-तीन बार पैमाइश कर उन्हें मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने जबरन किसानों से ₹2400 से ₹2500 प्रति कुंतल की दर से गेहूं खरीदा, जबकि बाजार में गेहूं का भाव ₹2700 प्रति कुंतल है। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
उन्होंने यह भी बताया कि पंचायत सचिवालयों के नाम पर बने भवनों में आज तक कोई भी ऑनलाइन सुविधा चालू नहीं हुई। वहां से न तो खतौनी निकलवाई जा रही है, न राशन कार्ड बन रहा है, न ही पेंशन, ड्राइविंग लाइसेंस या जन्म प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं मिल रही हैं।
किसानों ने प्रशासन पर ट्रैक्टर-ट्रालियों को जब्त करने, एसडीएम के जरिये दमनात्मक कार्रवाई करने और शांतिपूर्ण विरोध कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज जैसी घटनाओं का भी आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। किसानों की मांग है कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगे, खतौनी व पैमाइश प्रक्रिया पारदर्शी हो, और फसल खरीद में न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरी तरह पालन किया जाए।
