रामपुर: हाईकोर्ट बेंच की स्थापना, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट और शस्त्र लाइसेंस की मांग को लेकर वकीलों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
रामपुर। रामपुर कलेक्ट्रेट परिसर सोमवार को उस समय गवाह बना जब बार एसोसिएशन के वकीलों ने अपनी कई लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा, जिसमें उन्होंने न्यायिक और सुरक्षा से जुड़ी गंभीर समस्याएं उठाईं।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्ठू ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच की स्थापना की मांग वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने कहा, “केंद्र और राज्य की सरकारें हमारी बातों को गंभीरता से नहीं ले रही हैं। अब तक जितनी भी सरकारें आईं, सबने इस मुद्दे पर निराश किया है। यदि सरकारें हमारी न्यायिक जरूरतें पूरी नहीं कर सकतीं, तो फिर यह निकम्मी सरकारें हैं।”
अध्यक्ष ने आगे कहा कि दूर-दराज़ के वादकारियों और वकीलों को इलाहाबाद हाईकोर्ट तक जाने में भारी समय और धन की बर्बादी होती है। उन्होंने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की तत्काल जरूरत को भी ज़ोरदार तरीके से उठाया।
तीसरी अहम मांग वकीलों को शस्त्र लाइसेंस देने की रही। अधिवक्ताओं का कहना है कि उन्हें पेशे के दौरान कई बार गंभीर खतरे का सामना करना पड़ता है, जबकि आम व्यक्ति और हिस्ट्रीशीटर तक को आसानी से शस्त्र लाइसेंस मिल जाता है।
सतनाम सिंह ने यह भी कहा, “अगर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच नहीं बन सकती तो बेहतर होगा कि उत्तर प्रदेश को दो हिस्सों में बांट दिया जाए, ताकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को न्याय आसानी से मिल सके।”
प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन जिला अधिकारी की अनुपस्थिति में एसडीएम को सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
