रामपुर: SIR प्रकरण में दर्ज मुकदमा वापस कराने को सभासदों की मंडल आयुक्त से मुलाक़ात, बुज़ुर्ग नूरजहाँ के पक्ष में मिले आश्वासन
रामपुर। SIR प्रकरण में दर्ज मुकदमे को वापस कराने के लिए रामपुर के कई सभासदों ने मंडल आयुक्त से मुलाक़ात की। सभासदों ने आयुक्त महोदय को अवगत कराया कि SIR फार्म के स्पष्ट नियमों के अनुसार “कोई भी व्यक्ति स्वयं या अपने परिवार के किसी भी सदस्य का SIR फार्म भर सकता है, बस फार्म भरने वाले को अपने रिश्ते का उल्लेख करना आवश्यक है।”
इसी प्रावधान के तहत 80 वर्षीय बुज़ुर्ग नूरजहाँ जी ने अपने बेटों के लिए पूरी तरह सही प्रक्रिया का पालन करते हुए SIR फ़ॉर्म भरा था। उन्होंने फार्म में अपना रिश्ता “माता” के रूप में स्पष्ट रूप से दर्ज किया था। फार्म में कहीं भी कोई गलत जानकारी नहीं दी गई थी।
फिर भी नूरजहाँ जी और उनके विदेश में कार्यरत बेटों पर मुकदमा दर्ज किया जाना सभासदों के अनुसार न केवल नियमों की गलत व्याख्या है, बल्कि गंभीर नाइंसाफी भी है। इस कार्रवाई से रामपुर में हजारों ऐसे परिवारों में दहशत और मानसिक दबाव की स्थिति बन गई है, जिनके सदस्य मूल रूप से भारतीय हैं लेकिन रोजगार के कारण विदेशों में रहते हैं।
सभासदों ने पूरी स्थिति से मंडल आयुक्त को अवगत कराया और मुकदमे को तत्काल समाप्त कराने की मांग उठाई।
मंडल आयुक्त महोदय ने आश्वासन दिया है कि मुकदमे को समाप्त कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
