रामपुर: रामपुर में साठाधान की खेती पर प्रतिबंध, घटते जलस्तर को लेकर जिला प्रशासन गंभीर

रामपुर: जिला प्रशासन साठाधान की खेती को लेकर गंभीर है। घटते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिले में साठाधान की पैदावार को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है।

एसडीएम स्वार द्वारा साठा पौध नष्ट करना:

स्वार के एसडीएम अमन देओल ने ग्राम नानकार रानी में गाटा संख्या 43 मस्जिद की जमीन पर 1 बीघा में लगाए गए साठा पौध को नष्ट कराया। उन्होंने बताया कि 1 बीघा की साठा पौध से लगभग 5 से 7 एकड़ भूमि पर साठा रोपित किया जा सकता है।

जल संकट और पर्यावरणीय प्रभाव:

एसडीएम ने कहा कि घटते भूजल स्तर की एक बड़ी वजह साठाधान की बढ़ती खेती है, जो भविष्य में जल संकट को जन्म दे सकती है। इसके अलावा, साठाधान की खेती का पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

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