मुंबई। हिंदी सिनेमा के महान शोमैन राज कपूर अपनी फिल्मों में संगीत को बेहद खास महत्व देते थे। उनकी सुपरहिट फिल्म राम तेरी गंगा मैली का मशहूर गीत एक राधा, एक मीरा आज भी कालजयी गीतों में गिना जाता है। इस गीत को लेकर एक दिलचस्प किस्सा सामने आया है, जिसमें बताया गया कि राज कपूर ने सिर्फ एक लाइन सुनकर ही इसे अपनी फिल्म के लिए फाइनल कर दिया था।
पहली बार सुनते ही हो गए थे मंत्रमुग्ध
यह गीत महान संगीतकार रविंद्र जैन ने लिखा और कंपोज किया था। एक कार्यक्रम के दौरान जैसे ही रविंद्र जैन ने “एक राधा, एक मीरा…” गाया, राज कपूर उस गीत की भावनाओं और संगीत में पूरी तरह खो गए। उन्होंने तुरंत उनसे दोबारा यह गीत सुनाने को कहा और गीत समाप्त होते ही मुस्कुराते हुए बोले— “अब यह गीत मेरा हो गया।”
25 हजार रुपये का चेक देकर किया था सम्मान
इस घटना का जिक्र रणधीर कपूर ने कॉमेडी विद कपिल शर्मा में किया था। उन्होंने बताया कि अगले ही दिन राज कपूर ने अपने घर पर संगीत सभा आयोजित की और गीत सुनने के बाद रविंद्र जैन को 25 हजार रुपये का चेक देकर गीत को अपनी फिल्म में शामिल कर लिया। उस समय यह एक बड़ी रकम मानी जाती थी।
फिल्म की आत्मा बन गया यह गीत
इस गीत को फिल्म में मंदाकिनी और राजीव कपूर पर फिल्माया गया था। गीत में प्रेम, भक्ति और नारी की आध्यात्मिक शक्ति को बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया, जिसने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई।
आज भी बना हुआ है दर्शकों का पसंदीदा
“एक राधा, एक मीरा” न सिर्फ फिल्म की सफलता का आधार बना, बल्कि हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार गीतों में भी शामिल हो गया। यह गीत आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में जिंदा है और राज कपूर की संगीत समझ का शानदार उदाहरण माना जाता है।
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