राहुल गांधी के दौरे से रायबरेली बीजेपी में मची खलबली, मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और कांग्रेस नेता के बीच तीखी नोकझोंक
रायबरेली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का हालिया दो दिवसीय रायबरेली दौरा कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भर गया है। लेकिन इस दौरे ने सत्ताधारी भाजपा खेमे में भी खलबली मचा दी है।
10 सितंबर को जब राहुल गांधी लखनऊ से रायबरेली पहुंचे, तो भाजपा के राज्य मंत्री (उद्यान विभाग) व एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी की मां पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन किया। यह टिप्पणी बिहार में कांग्रेस की “वोटर अधिकार यात्रा” के दौरान एक कथित कांग्रेसी कार्यकर्ता ने की थी। दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी से इस पर माफी की मांग की।
11 सितंबर को रायबरेली में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की बैठक में राहुल गांधी और दिनेश प्रताप सिंह के बीच तीखी बहस हो गई। बैठक की यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गई।
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने दिनेश से कहा कि उन्हें अपनी बात रखने से पहले अध्यक्ष से अनुमति लेनी होगी। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और बीजेपी नेताओं के बीच भी तनातनी देखी गई। वहीं, रायबरेली सदर से भाजपा विधायक अदिति सिंह चुप रहीं और पूर्व सपा विधायक मनोज कुमार पांडेय (जो अब भाजपा में हैं) राहुल से दरभंगा विवाद पर जवाब मांगते हुए बैठक से बाहर चले गए।
भाजपा खेमे में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अंदरूनी राजनीति भी तेज हो गई है। दिनेश प्रताप सिंह, अदिति सिंह और मनोज पांडेय—तीनों ही नेता रायबरेली में भाजपा का चेहरा बनने की होड़ में हैं। अदिति सिंह ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “DISHA जैसी बैठकें विकास कार्यों के लिए होती हैं, इन्हें राजनीति से दूर रखना चाहिए।”
कांग्रेस ने भाजपा नेताओं की आपसी खींचतान पर चुटकी ली। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दिनेश प्रताप सिंह एक दिन राहुल के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और अगले दिन बैठक में अपने बेटे से उनकी मुलाकात भी करवा रहे थे।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, आगामी कैबिनेट फेरबदल में इस पूरे विवाद का असर दिख सकता है और यह तय होगा कि रायबरेली में भाजपा का नेतृत्व किसके हाथ में रहेगा।
