बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री प्रीति ज़िंटा अपनी चुलबुली मुस्कान, गालों पर पड़ने वाले डिंपल्स और बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं। उनके फिल्मी करियर की शुरुआत किसी बड़े प्लान या सपना से नहीं, बल्कि एक सिक्के के इशारे से हुई थी।
प्रारंभिक जीवन
प्रीति ज़िंटा का जन्म 31 जनवरी 1975 को हिमाचल प्रदेश के शिमला में हुआ था। उनके पिता दुर्गानंद जिंटा भारतीय सेना में अधिकारी थे और मां नीलप्रभा गृहिणी थीं। 13 साल की उम्र में एक सड़क हादसे में उनके पिता का निधन हो गया और उनकी मां भी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें ठीक होने में करीब दो साल लगे। इतनी कम उम्र में पिता को खोने से प्रीति की जिंदगी पूरी तरह बदल गई।
शिक्षा
पढ़ाई में प्रीति हमेशा अव्वल रहीं। उन्होंने शिमला से स्कूलिंग की और इंग्लिश ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने क्रिमिनल साइकोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया।
फिल्मी दुनिया में प्रवेश
प्रीति ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने फिल्मों में आने का फैसला सिक्के उछालकर किया था। जब फिल्ममेकर शेखर कपूर ने उन्हें ‘तारा रम पम पम’ के लिए साइन करने का प्रस्ताव दिया, तो उन्होंने कहा, “अगर हेड्स आया तो मैं फिल्मों में करियर बनाऊंगी और टेल्स आया तो नहीं।” सिक्के पर हेड्स आया और इसी पल उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने का निर्णय लिया।
बॉलीवुड में डेब्यू और सफर
साल 1998 में उन्होंने शाहरुख खान की फिल्म ‘दिल से’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। भले ही इस फिल्म में उनका रोल छोटा था, लेकिन उनकी मासूमियत और स्क्रीन प्रेजेंस ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके बाद ‘सोल्जर’, ‘क्या कहना’, ‘संघर्ष’, ‘दिल चाहता है’, ‘कल हो ना हो’, ‘वीर-जारा’, ‘सलाम नमस्ते’ और ‘कभी अलविदा ना कहना’ जैसी हिट फिल्मों ने उन्हें इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेस बना दिया।
सम्मान और पुरस्कार
प्रीति ज़िंटा को उनकी दमदार अभिनय के लिए कई पुरस्कार मिले। फिल्म ‘कल हो ना हो’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड से नवाजा गया, जबकि ‘वीर-जारा’ और अन्य फिल्मों में उनकी परफॉर्मेंस की भी खूब सराहना हुई।
निजी जीवन
साल 2016 में प्रीति ने अमेरिकी बिजनेसमैन जीन गुडइनफ से शादी की। वर्तमान में वह अमेरिका में अपने पति और जुड़वा बच्चों के साथ खुशहाल जीवन जी रही हैं।
प्रीति ज़िंटा का यह सफर यह दिखाता है कि छोटे फैसले और कड़ी मेहनत भी किसी की जिंदगी में बड़े बदलाव ला सकते हैं और उन्हें सफलता की ऊँचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।
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