गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कथित अपमान को लेकर देशभर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच हरियाणा की राजनीति में भी एक पुराना विवाद फिर चर्चा में आ गया है, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के कार्यक्रम में शामिल न होने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
बताया जाता है कि करीब आठ वर्ष पहले हरियाणा के फतेहाबाद में एक कार्यक्रम में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल हरियाणा में मौजूद होने के बावजूद कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस बात से नाराज बताए गए थे कि कार्यक्रम के आयोजकों ने राष्ट्रपति से सीधे समय ले लिया था। इसे उन्होंने अपना अपमान माना। इस कार्यक्रम का आयोजन सुरिंदर भोंसले द्वारा किया गया था। बताया जाता है कि उन्होंने राष्ट्रपति से समय लेने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी मुलाकात कर उन्हें कार्यक्रम में आने का निमंत्रण दिया था।
हालांकि मुख्यमंत्री स्वयं कार्यक्रम में नहीं पहुंचे और उनकी जगह मंत्री कृष्ण लाल पंवार को प्रतिनिधि के रूप में भेजा गया था। इस घटना को लेकर उस समय भी राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा हुई थी।
अब ममता बनर्जी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कथित अपमान को लेकर चल रही बहस के बीच इस पुराने प्रकरण को भी राजनीतिक हलकों में याद किया जा रहा है और राष्ट्रपति पद के सम्मान को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दल अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
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