नई दिल्ली, 23 जून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को सदा श्रद्धा के साथ याद किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में लिखा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए अतुलनीय साहस और शक्ति का परिचय दिया।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पहले हिन्दू महासभा से जुड़े थे और स्वतंत्र भारत की प्रथम कैबिनेट में पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ मंत्री भी रहे। उन्होंने 1950 में सरकार से इस्तीफा दिया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संपर्क साधकर राष्ट्रवाद को समर्पित एक नए राजनीतिक दल की स्थापना की, जो 1951 में भारतीय जनसंघ के रूप में अस्तित्व में आया।
डॉ. मुखर्जी 1953 में जम्मू-कश्मीर बिना परमिट प्रवेश करने के कारण गिरफ्तार किए गए थे। वह इस नियम के कट्टर विरोधी थे और इसे भारत के पूर्ण एकीकरण में बाधा मानते थे। गिरफ्तारी के बाद उनकी मृत्यु जेल में ही हो गई थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की अखंडता और राष्ट्रीयता के लिए डॉ. मुखर्जी का बलिदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
