नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2025) का विशेष महत्व है। वर्ष 2025 में पितृ पक्ष की शुरुआत 8 सितंबर, सोमवार से हो रही है। पहले दिन प्रतिपदा (प्रथम) तिथि का श्राद्ध तर्पण होगा। एक दिन पूर्व रविवार को व्रत की पूर्णिमा और नान्दी मातामह का श्राद्ध किया जाएगा। इस दिन खग्रास चंद्र ग्रहण भी लग रहा है और दिन में 12:57 बजे से सूतक प्रारंभ हो जाएगा। ऐसे में श्राद्ध और तर्पण से जुड़े कार्य सूतक लगने से पहले कर लेना उत्तम रहेगा।
कर्मकांडियों के अनुसार नियम
पंडितों के मुताबिक, पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2025) में श्राद्ध की तिथि, वार और मध्य ग्राह्य समय के आधार पर तर्पण करना चाहिए। इसी कारण षष्ठी और सप्तमी तिथि का श्राद्ध तर्पण 13 सितंबर, शनिवार को एक ही दिन होगा।
अष्टमी का श्राद्ध – 14 सितंबर, रविवार को सुबह 8:41 के बाद करना श्रेष्ठ रहेगा।
नवमी का श्राद्ध – 15 सितंबर, सोमवार को होगा।
सर्वपितृ अमावस्या (विसर्जन) – 21 सितंबर, रविवार को मनाई जाएगी।
पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2025) का महत्व
श्राद्ध का अर्थ है “श्रद्धा पूर्वक किया जाने वाला कार्य”। मान्यता है कि इस अवधि में यमराज मृत आत्माओं को मुक्त कर देते हैं ताकि वे अपने परिजनों द्वारा किए गए तर्पण को स्वीकार कर सकें। पुराणों में भी इसका विशेष महत्व बताया गया है कि पितरों को प्रसन्न करने से घर-परिवार में सुख, समृद्धि और आशीर्वाद प्राप्त होता है।
पितृ पक्ष 2025 की प्रमुख तिथियां
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पितृ पक्ष 2025 की प्रमुख तिथियां
| तिथि | दिनांक | वार |
|---|---|---|
| प्रतिपदा (प्रथम) | 8 सितंबर | सोमवार |
| द्वितीया | 9 सितंबर | मंगलवार |
| तृतीया | 10 सितंबर | बुधवार |
| चतुर्थी | 11 सितंबर | गुरुवार |
| पंचमी | 12 सितंबर | शुक्रवार |
| षष्ठी और सप्तमी | 13 सितंबर | शनिवार |
| अष्टमी | 14 सितंबर | रविवार |
| नवमी | 15 सितंबर | सोमवार |
| दशमी | 16 सितंबर | मंगलवार |
| एकादशी | 17 सितंबर | बुधवार |
| द्वादशी | 18 सितंबर | गुरुवार |
| त्रयोदशी | 19 सितंबर | शुक्रवार |
| चतुर्दशी | 20 सितंबर | शनिवार |
| सर्वपितृ विसर्जन अमावस्या | 21 सितंबर | रविवार |
❓ पितृ पक्ष 2025 FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. पितृ पक्ष 2025 कब से कब तक है?
👉 पितृ पक्ष 2025 की शुरुआत 8 सितंबर, सोमवार से होगी और इसका समापन 21 सितंबर, रविवार (सर्वपितृ अमावस्या) को होगा।
2. पितृ पक्ष में श्राद्ध क्यों किया जाता है?
👉 मान्यता है कि इस अवधि (Pitru Paksha 2025) में पितरों की आत्माएं धरती पर आती हैं और अपने वंशजों द्वारा किए गए तर्पण और भोजन को स्वीकार करती हैं। इससे परिवार पर सुख-समृद्धि और आशीर्वाद बना रहता है।
3. पितृ पक्ष में किन चीजों का परहेज करना चाहिए?
👉 इस (Pitru Paksha 2025) दौरान प्याज, लहसुन, मांसाहार, शराब और तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। केवल सात्विक और शुद्ध भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।
4. सर्वपितृ अमावस्या कब है?
👉 पितृ पक्ष 2025 (Pitru Paksha 2025) की सर्वपितृ विसर्जन अमावस्या 21 सितंबर, रविवार को पड़ेगी। इसी दिन पितृ पक्ष का समापन होगा।
