ऐलनाबाद, 1 जुलाई ( एम पी भार्गव ): उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा है कि नशा मुक्ति के लिए सभी विभागों के अधिकारी आपसी तालमेल से कार्य करें और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं वहीं मेडिकल के नशे को रोकने को लेकर भी निगरानी बढानी होगी। लघु सचिवालय के सभागार में नारकोटिक्स कॉर्डिनेशन कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी मेडिकल हॉल पर कैमरे लगाए जाना सुनिश्चित किया जाए। मेडिकल हॉल के बाहर फार्मासिस्ट का नाम व लाइसेंस नंबर भी अंकित किया जाना चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि नशे के प्रति प्रशासन गंभीर है और हर हाल में नशा रोके जाने को लेकर कदम उठाए जाने हैं। नशा चाहें किसी भी प्रकार का हो, उसे रोकना जरूरी है। उन्होंने ड्रग कंट्रोलर को निर्देश दिए कि मेडिकल स्टोर पर भी जांच का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए। जो दवाएं चिकित्सक की सलाह से दी जानी है, उसके रिकार्ड को गहनता से जांचना चाहिए। उन्होंने पुलिस को भी निर्देश दिए कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और तेजी से चलाएं। शिक्षा विभाग से स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया है ताकि विद्यार्थी नशे की प्रवृत्ति से दूर रहें। नशे के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए वीडियो भी दिखाई जाएगी।
पुलिस अधीक्षक डा. मयंक गुप्ता ने कहा कि पुलिस नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। पुलिस तो काम कर रही रही है, ऐसे अभियान में आमजन की भागीदारी जरूरी है। सामाजिक संस्थाओं को भी इस दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने बैठक में पुलिस द्वारा अबतक चलाए गए अभियान की भी जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक डबवाली निकिता खट्टर ने कहा कि पुलिस नशे के खिलाफ अभियान चलाए हुए है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे नशा तस्करों के बारे में जानकारी दें ताकि उन्हें पकड़ा जा सके। जो भी व्यक्ति सूचना देता है, उसका नाम गोपनीय रखा जाता है।
