अलग तरह की खांसी से परेशान लोग, गले में खिंचाव का एहसास—डॉक्टर ने बताए कारण और सावधानियां

नई दिल्ली। इन दिनों बड़ी संख्या में लोग एक अलग तरह की खांसी से परेशान हैं। इस खांसी में गले में खिंचाव या कुछ फंसा हुआ महसूस होना, बार-बार गला साफ करने की आदत, आवाज़ भारी होना, सीने में जलन और खासकर सुबह के समय खांसी ज्यादा होना जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, यह खांसी सामान्य वायरल खांसी से कुछ अलग है।

एनआईआईएमएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, ग्रेटर नोएडा के श्वसन चिकित्सा विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. आदित्य नाग के अनुसार, पिछले कुछ समय से ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है, जो लंबे समय तक रहने वाली खांसी और गले में लगातार खिंचाव की शिकायत लेकर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव, बढ़ता वायु प्रदूषण और बार-बार होने वाले वायरल संक्रमण इस समस्या को और गंभीर बना रहे हैं।

खांसी के प्रमुख कारण
डॉ. आदित्य नाग ने बताया कि सर्दी-जुकाम या फ्लू ठीक होने के बाद कई लोगों में खांसी लंबे समय तक बनी रहती है। इसका कारण यह है कि वायरल संक्रमण के बाद सांस की नलियों की अंदरूनी परत बहुत संवेदनशील हो जाती है। ऐसे में ठंडी हवा, धूल या हल्की-सी जलन से भी खांसी शुरू हो जाती है। इस प्रकार की खांसी 3 से 8 सप्ताह तक रह सकती है।

इसके अलावा बढ़ता वायु प्रदूषण—जैसे धुआं, धूल और स्मॉग—सीधे फेफड़ों और गले को नुकसान पहुंचाता है। इससे अंदरूनी सूजन बढ़ जाती है, ज्यादा बलगम बनने लगता है और गले में कुछ अटका हुआ महसूस होता है। लंबे समय तक ऐसा रहने पर सांस की एलर्जी या अस्थमा की समस्या भी बढ़ सकती है।

कई मामलों में खांसी की वजह नाक से जुड़ी समस्या होती है, जिसे पोस्ट नेजल ड्रिप कहा जाता है। इसमें नाक या साइनस का पानी गले के पीछे गिरता रहता है, जिससे रात और सुबह के समय खांसी ज्यादा होती है। कुछ लोगों में पेट का एसिड ऊपर आकर गले तक पहुंच जाता है, जिससे सूखी खांसी, गले में जलन और आवाज़ बैठने की समस्या हो जाती है, भले ही सीने में जलन महसूस न हो।

कम पानी पीना, धूम्रपान करना या लगातार धुएं के संपर्क में रहना भी गले और सांस की नलियों को सूखा देता है, जिससे बार-बार खांसी की समस्या बनी रहती है।

कब सतर्क होना जरूरी है?
डॉ. नाग के अनुसार, यदि खांसी 8 सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहे, रात में नींद न आए, सांस फूलने लगे, खांसी के साथ खून आए, वजन तेजी से घटे या बार-बार सीने में संक्रमण हो, तो यह गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में अस्थमा, टीबी, क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस, इंटरस्टिशियल लंग डिजीज या अन्य लंग इंफेक्शन की आशंका रहती है।

डॉक्टरों की सलाह है कि ऐसी स्थिति में लापरवाही न बरतें और तुरंत श्वसन रोग विशेषज्ञ से जांच कराएं, ताकि समय रहते सही इलाज शुरू किया जा सके।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें

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