गुस्ताख़ी माफ़ हरियाणा — पवन कुमार बंसल
नरवाना में हाल ही में 90 वर्षीय वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और करीब चार दशकों तक Shamsher Singh Surjewala के करीबी रहे लछमन देव आर्य ने एक दिलचस्प राजनीतिक किस्सा सुनाया था। आर्य साहब अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उन्होंने उस दौर की राजनीति का एक अहम प्रसंग साझा किया।
यह घटना उस समय की है जब Indira Gandhi ने अलग होकर अपनी कांग्रेस बना ली थी। उस समय शमशेर सिंह सुरजेवाला ने चंडीगढ़ स्थित अपने फ्लैट में इंदिरा कांग्रेस का दफ्तर बना लिया था।
लछमन देव आर्य के अनुसार एक दिन वह और सुरजेवाला दफ्तर में बैठे हुए थे। तभी Ranbir Singh Hooda और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री Banarsi Das Gupta वहां पहुंचे। बातचीत के दौरान उन्होंने इंदिरा गांधी के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करते हुए सुरजेवाला से कहा कि “इंदिरा के साथ क्या रखा है, आप असली कांग्रेस का दफ्तर संभाल लीजिए।”
आर्य के अनुसार सुरजेवाला ने उन्हें शांति से चाय पिलाई और साफ कहा कि वह इंदिरा गांधी के साथ ही रहेंगे। उस समय भले ही इंदिरा गांधी का राजनीतिक सितारा कमजोर माना जा रहा था, लेकिन सुरजेवाला ने उनका साथ नहीं छोड़ा।
बताया जाता है कि रणबीर सिंह हुड्डा और बनारसी दास गुप्ता दोनों ही नेहरू परिवार से पुराने संबंध होने का दावा करते थे, मगर उस दौर में राजनीतिक परिस्थितियां अलग थीं।
1982 के चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री Bhajan Lal के विरोध के बावजूद इंदिरा गांधी नरवाना में सुरजेवाला के चुनाव प्रचार के लिए आई थीं। बाद में Rajiv Gandhi भी नरवाना पहुंचे और सुरजेवाला को साथ लेकर खुद जीप चलाते हुए भीकेवाला गांव तक गए थे। सुरजेवाला ने बाद में Sonia Gandhi को भी नरवाना लाकर सभा करवाई थी।
आज सुरजेवाला के बेटे Randeep Singh Surjewala कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व, खासकर Rahul Gandhi के करीब माने जाते हैं।
लछमन देव आर्य का जिक्र करते हुए बताया गया कि वह कई दशकों से ग्वारपाठा (एलोवेरा) का जूस पीने के शौकीन थे, जिसका प्रचार आजकल Baba Ramdev करते हैं। आर्य साहब रामलीला में मेघनाथ की भूमिका भी निभाते रहे और “गुस्ताख़ी माफ़ हरियाणा” पुस्तक के प्रशंसकों में भी शामिल थे।
