पवन कुमार बंसल ने यौन शोषण मामले की रिपोर्टिंग में मीडिया की संवेदनशीलता पर उठाए सवाल

गुस्ताखी माफ़ हरियाणा -पवन कुमार बंसल

विज्ञापन के लालच में एक अख़बार इतना गिरा- यौन शोषण की शिकार महिला का संघर्ष भी उसे भड़ास निकालना लगता है। मै किसी पत्रकारिता के विश्विधालय का छात्र तो नहीं रहा लेकिन पत्रकारिता की मर्यादा और शब्दों के चयन बारे अच्छी तरह जानता हूँ। “ खोजी पत्रकारिता क्यों और कैसे “ किताब भी लिखी है… , देश के एक तथाकथित राष्ट्रीय स्तर के अखबार जिसके कई प्रदेशो से संस्करण निकलते है और लाखों में प्रचार है एक खबर पढ़ कर बड़ा अजीब लगा। हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला कोच का मामला हरियाणा असेंबली में चर्चित हुआ। इस दौरान यौन शोषण की शिकार महिला चंडीगढ़ में विधानसभा चौक पर धरना दे रही थी क्योंकि पुलिस ने उसे असेंबली तक नहीं जाने दिया। अब जरा ध्यान से पढ़िए उस अखबार की रिपोर्टिंग। सदन में जब संदीप सिंह को लेकर आरोप – प्रत्यारोप लग रहे थे तो ठीक उसी समय यौन शोषण के आरोप लगाने वाली महिला कोच विधानसभा चौक पर अपनी भड़ास निकाल रही थी क्योंकि पुलिस ने उसे विधानसभा नहीं जाने दिया।अख़बार लिख सकता था की वो अपना रोष प्रकट कर रही थी।

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