Padma Shri Snub Sparks Debate: Veteran Haryana Journalist Left Without Recognition Despite Five Decades of Service
Gustakhi Maaf Haryana – Pawan Kumar Bansal
Padmashri result out – miserably failed. Profile hundred percent OK, alas no political and Nagpur recommendations.
“कितना बदनसीब है ज़फ़र —दो गज ज़मीन भी न मिली कू-ए-यार में।”
पद्मश्री तो दूर की बात है, यहाँ तो हरियाणा में पचास वर्ष से पत्रकारिता करने के बावजूद कोई भी यूनिवर्सिटी पत्रकारिता के छात्रों को लेक्चर देने तक नहीं बुलाती। कई साल पहले किसी ने बुलाया भी, और जब वहाँ पहुँचा तो पता चला कि किसी दिलजले ने वह लेक्चर स्टे करवा दिया।
ख़ैर, पाठकों का प्यार ही सबसे बड़ा इनाम है।

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