मुख्य चुनाव आयुक्त पर विपक्ष का हमला: “वोट चोरी पर सफाई देने आए, लेकिन BJP की भाषा बोलते रहे”

  • रिपोर्ट- मंजय वर्मा

नई दिल्ली। देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर विपक्ष ने तीखा हमला बोला है। आरोप है कि वोट चोरी पर सवालों का जवाब देने के बजाय वे पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की भाषा बोलते रहे। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव आयोग “वोट चोरी” के साथ-साथ “सीनाजोरी” भी कर रहा है और उसके पास किसी भी सवाल का ठोस जवाब नहीं है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उठे प्रमुख सवाल और विपक्ष के आरोप इस प्रकार रहे:

महाराष्ट्र में कुल वोट, व्यस्क आबादी से ज्यादा कैसे हुए?
आयोग के पास कोई जवाब नहीं।

एक ही घर में इतने सारे वोटर कैसे रजिस्टर हुए?
आयोग के पास कोई जवाब नहीं।

बिहार में बाढ़ के बावजूद इतनी हड़बड़ी में SIR क्यों करवाया जा रहा है?
आयोग ने इस पर भी कुछ नहीं कहा।

वहीं, कुछ सवालों पर आयोग की दलीलें विपक्ष को और ज्यादा असंतोषजनक लगीं:

बूथ की वीडियोग्राफी क्यों नहीं दी जा सकती?
चुनाव आयोग का कहना था कि CCTV फ़ुटेज देना महिलाओं की प्राइवेसी का हनन होगा।
विपक्ष का तर्क है कि जब वोटिंग के दौरान महिलाओं से हिजाब उतरवाकर पुरुष पुलिसकर्मी चेहरा देखने की मांग करते हैं, तब प्राइवेसी कहां जाती है?

एक ही व्यक्ति के कई वोट क्यों हैं?
आयोग का जवाब था कि हजारों लोगों के एक जैसे नाम हो सकते हैं।
विपक्ष का आरोप है कि सिर्फ नाम ही नहीं, पिता या पति का नाम और पता भी एक जैसा कैसे हो सकता है?

डिजिटल मशीन रीडिंग फॉर्मेट वाली वोटर लिस्ट क्यों नहीं दी जाती?
आयोग का तर्क था कि इससे निजता का हनन होगा।
विपक्ष का कहना है कि असल वजह यह है कि डिजिटल लिस्ट से वोट चोरी आसानी से पकड़ी जाएगी।

इसके अलावा आयोग ने कहा कि “चुनाव आयोग से सवाल पूछना, वोट चोरी कहना संविधान का अपमान है।” इस पर विपक्ष का आरोप है कि “असल में ‘एक व्यक्ति-एक वोट’ के सिद्धांत को कुचलकर संविधान की हत्या चुनाव आयोग खुद कर रहा है।”

विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी द्वारा वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों के सबूत दिए जाने के बावजूद सुधार की जगह उनसे हलफनामा मांगा जा रहा है। जबकि सत्तारूढ़ दल से ऐसे सबूत कभी नहीं मांगे जाते।

विपक्ष ने जोर देकर कहा कि—

एक व्यक्ति-एक वोट का सिद्धांत निभाने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है

निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है

साफ-सुथरी वोटर लिस्ट बनाने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है

विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में मुख्य न्यायाधीश को इसलिए बाहर किया ताकि “कठपुतली आयुक्त” मिल सके।

प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष ने कहा—
“आज जब राहुल गांधी ने वोट चोरी के सबूत दिए, तब चुनाव आयोग उनके सवालों का जवाब देने के बजाय बहानों के पीछे छिपता रहा। लेकिन लोकतंत्र से खिलवाड़ करने वालों को देश का कानून कभी माफ नहीं करेगा। वक्त आएगा, तब जवाब देना ही होगा।”

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