ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना ने 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए, क्यों हो रही विदेश सचिव विक्रम मिसरी की चर्चा

नई दिल्ली: भारतीय सेना ने बुधवार सुबह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। इस महत्वपूर्ण सैन्य कार्रवाई की जानकारी भारत सरकार की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने दी। उनके सधे हुए बयान और संयमित भाषा की सोशल मीडिया पर जमकर सराहना हो रही है, जिसके चलते अब लोग उनके जीवन और करियर के बारे में अधिक जानना चाह रहे हैं।

15 जुलाई 2024 को बने विदेश सचिव
विक्रम मिसरी ने 15 जुलाई 2024 को भारत के विदेश सचिव का पद संभाला। उन्होंने यह जिम्मेदारी विनय मोहन क्वात्रा से ली, जिनका कार्यकाल 30 अप्रैल को समाप्त हो गया था, हालांकि बाद में उन्हें 6 महीने का विस्तार भी दिया गया था।

1989 बैच के वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी
विक्रम मिसरी 1989 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। उनका जन्म 7 अप्रैल 1964 को जम्मू-कश्मीर में हुआ था। उन्होंने ग्वालियर के प्रतिष्ठित सिंधिया स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। अपनी सेवाओं के दौरान वह विदेश मंत्रालय में अंडर सेक्रेटरी से लेकर डायरेक्टर जैसे अहम पदों पर कार्य कर चुके हैं।

तीन प्रधानमंत्रियों के निजी सचिव रहे
अपने करियर के दौरान विक्रम मिसरी भारत के तीन प्रधानमंत्रियों — इंद्र कुमार गुजराल, डॉ. मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी — के निजी सचिव के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। इस अनुभव ने उन्हें भारत की विदेश नीति और प्रशासनिक व्यवस्था की गहराई से समझ दी है।

चीन मामलों के विशेषज्ञ
विक्रम मिसरी को चीन मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। वह 2018 में चीन में भारत के राजदूत नियुक्त हुए थे। इसके अलावा उन्होंने यूरोप, अफ्रीका, एशिया और उत्तरी अमेरिका में भी विभिन्न भारतीय मिशनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।

निजी जीवन
व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो विक्रम मिसरी की शादी डॉली मिसरी से हुई है और उनके दो बच्चे हैं। अपने शांत स्वभाव और रणनीतिक दृष्टिकोण के लिए पहचाने जाने वाले विक्रम मिसरी अब एक बार फिर देश की विदेश नीति में निर्णायक भूमिका में नजर आ रहे हैं।

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