महिला हेल्पलाइन 181 पर सरकार का मात्र 5.2% रिस्पॉंस, महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल: कुमारी सैलजा
कहा - हेल्पलाइन 181 को प्रभावी, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना सरकार की जिम्मेदारी
हरियाणा (एम. पी. भार्गव): सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने महिला हेल्पलाइन 181 पर हरियाणा पुलिस की मात्र 5.2 प्रतिशत प्रतिक्रिया दर को बेहद चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की लापरवाही और संवेदनहीनता को उजागर करता है।
मीडिया को जारी अपने बयान में सांसद सैलजा ने कहा कि हेल्पलाइन 181 महिलाओं को संकट की घड़ी में तत्काल सहायता देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, लेकिन इतनी कम प्रतिक्रिया दर यह दर्शाती है कि सरकार के दावे और धरातल की सच्चाई में बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महिला सुरक्षा जैसे गंभीर विषय को केवल प्रचार और आंकड़ों के खेल तक सीमित कर चुकी है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि यदि महिला हेल्पलाइन पर की गई 100 कॉल्स में से केवल 5 पर ही कार्रवाई हो रही है, तो यह न केवल प्रशासनिक तंत्र की नाकामी है बल्कि महिलाओं के भरोसे के साथ अन्याय भी है। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए हेल्पलाइन व्यवस्था की स्वतंत्र जांच करवाएं और उसकी पूरी जानकारी पारदर्शी ढंग से जनता के सामने रखें।
सांसद ने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि कुल कितनी कॉल्स दर्ज हुईं, कितनी पर तत्काल मदद दी गई और किन मामलों में कार्रवाई अब तक लंबित है। उन्होंने कहा कि केवल पारदर्शिता और जवाबदेही से ही जनता का विश्वास बहाल किया जा सकता है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि महिला सुरक्षा राजनीति नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का विषय है। सरकार को चाहिए कि महिला आयोग, पुलिस और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को साथ लेकर हेल्पलाइन व्यवस्था की समीक्षा करे तथा जिन बिंदुओं पर सुधार की आवश्यकता है, वहां तत्काल कदम उठाए।
सांसद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर निरंतर संघर्षरत है। यदि राज्य सरकार ने इस विषय पर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस महिला मोर्चा पूरे प्रदेश में महिला सुरक्षा जनजागरण अभियान चलाएगा। उन्होंने कहा, “हरियाणा की बेटियों को भाषण नहीं, बल्कि सुरक्षा चाहिए। हेल्पलाइन 181 को प्रभावी, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना सरकार की जिम्मेदारी है।”
