ऐलनाबाद, (एम. पी. भार्गव)। 27 अगस्त को शहर के वार्ड नंबर तीन स्थित श्री गणेश सेवा समिति ट्रस्ट ऐलनाबाद द्वारा आयोजित रजत महोत्सव 2025 के दूसरे दिन गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर जगदीश राय चमड़िया परिवार द्वारा मंदिर में गणपति मूर्ति स्थापना की गई।
मूर्ति स्थापना के उपरांत विद्वान विप्रों द्वारा गणपति पूजा-अर्चना और श्री गणेश कथा का आयोजन किया गया। गणेश कथा के दौरान भगवान गणेश के जन्म की प्रसिद्ध पौराणिक कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया।
कथा के अनुसार, माता पार्वती ने अपने शरीर के मैल से एक पुतला बनाकर उसमें प्राण फूंक दिए और इस प्रकार भगवान गणेश का जन्म हुआ। माता पार्वती ने उन्हें घर की रक्षा का दायित्व सौंपा। जब भगवान शिव घर लौटे और प्रवेश करना चाहा तो गणेश जी ने उन्हें रोक दिया। इससे क्रोधित होकर भगवान शिव ने उनका सिर काट दिया। बाद में माता पार्वती को शांत करने के लिए भगवान शिव ने हाथी का सिर लगाकर गणेश जी को पुनर्जीवित किया। इसी कारण भगवान गणेश को “गजानन” कहा जाता है और वे विघ्नहर्ता के रूप में पूजे जाते हैं।
शाम को कार्यक्रम की श्रृंखला में भजन गायक सिकंदर सागर द्वारा सामूहिक गणेश चालीसा का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया और गणपति बप्पा के जयकारे गूंजे।
पूरे दिन मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। हजारों श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा के समक्ष शीश नवाकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस दौरान समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे और श्रद्धालुओं से भगवान गणेश की भक्ति में लीन होकर उनकी कृपा प्राप्त करने का आग्रह किया।
