चंद्रघंटा पूजा के पावन अवसर पर रंग-बिरंगी सजावट के बीच लोक नृत्य और डांडिया महोत्सव का किया गया भव्य आयोजन
जगत जननी छोटी दुर्गा देवी कमिटी द्वारा आयोजित डांडिया उत्सव का डीएम मिथिलेश मिश्र ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया उद्घाटन
- रिपोर्ट: सरफ़राज़ आलम
लखीसराय! शहर के पुरानी बाजार स्थित छोटी दुर्गा देवी मंदिर परिसर में बुधवार की रात चंद्रघंटा पूजा के अवसर पर डांडिया उत्सव का आयोजन भव्यता के साथ किया गया. नौ रातों की पूजा के तीसरे दिन यानी चंद्रघंटा पूजा की रात को आदि शक्ति मां दुर्गा की विशेष पूजा का महत्व माना जाता है. इस अवसर पर मंदिर परिसर में रंग-बिरंगी रोशनी, भव्य सजावट और भक्तों की भीड़ ने पूरे वातावरण को धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह से भर दिया!
जगत जननी छोटी दुर्गा देवी कमिटी द्वारा आयोजित इस डांडिया उत्सव का उद्घाटन डीएम मिथिलेश मिश्र ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया! उद्घाटन समारोह में डीएम ने आम नागरिकों से अपील की कि दुर्गा पूजा के त्योहार को खुशनुमा और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जाए. उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक आयोजन समाज में भाईचारे और एकता को बढ़ावा देता है!डांडिया उत्सव में शहर की लड़कियों ने पारंपरिक पोशाक में लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुति दी. उनके गीत और नृत्य ने उत्सव को और यादगार बना दिया. उपस्थित दर्शक उनके सुंदर प्रदर्शन और तालमेल को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए. मंच पर युवा कलाकारों ने भी पारंपरिक संगीत की धुनों के साथ जोड़ी डांस और सामूहिक नृत्य पेश किए, जिससे पूरे मंदिर परिसर में सांस्कृतिक ऊर्जा का अनुभव हुआ!मंदिर परिसर में आयोजकों ने भक्तों और दर्शकों की सुविधा के लिए विशेष इंतज़ाम किए थे. इसमें बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा के इंतज़ाम, और स्वास्थ्य सेवाओं का प्रबंध शामिल था. आयोजन समिति के सचिव और सदस्यों ने उत्सव को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वहीं, स्थानीय युवा समूहों ने भी डांडिया मंच की सजावट और संगीत प्रबंधन में सहयोग किया!
यह डांडिया उत्सव केवल धार्मिक महत्व का नहीं बल्कि सांस्कृतिक विरासत को संजोने वाला अवसर भी है!स्थानीय लोगों ने इसे देखकर कहा कि ऐसे आयोजन न केवल सामूहिक आनंद देते हैं बल्कि युवाओं को अपनी परंपरा और संस्कृति से जोड़ते हैं. लखीसराय की इस भव्य धूमधाम ने शहर के सांस्कृतिक परिदृश्य को नई पहचान दी है!उत्सव में भाग लेने आए भक्तों ने मंदिर परिसर में मां दुर्गा के प्रति आस्था और श्रद्धा प्रकट की. डांडिया के साथ-साथ भक्तों ने कलात्मक सजावट,रंग-बिरंगे रोशनी और पारंपरिक संगीत का आनंद भी लिया. समारोह के दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्थित व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया!इस तरह, लखीसराय का यह डांडिया उत्सव न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का रहा बल्कि पूरे शहर में समुदाय और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करने वाला कार्यक्रम साबित हुआ.
