मकर संक्रांति 2026 पर बदलेगी सूर्य की चाल, इन राशियों के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें

नई दिल्ली।Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, इसी कारण इस पर्व को मकर संक्रांति कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य का यह राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों के जीवन पर प्रभाव डालता है। इस बार 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा।

सूर्य देव बदलेंगे राशि

ज्योतिष के अनुसार ग्रहों के राजा सूर्य एक निश्चित समय अंतराल के बाद राशि परिवर्तन करते हैं। वर्तमान में सूर्य धनु राशि में स्थित हैं और करीब 30 दिनों तक वहीं रहने के बाद 14 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मकर संक्रांति के साथ ही सूर्य का यह परिवर्तन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

कुछ राशियों के लिए शुभ, कुछ के लिए चुनौतीपूर्ण समय

सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने से जहां कुछ राशियों को लाभ, उन्नति और सफलता मिल सकती है, वहीं कुछ राशियों के जीवन में उतार-चढ़ाव और परेशानियां भी आ सकती हैं। ज्योतिषियों के अनुसार इस बार मकर संक्रांति के बाद कुछ राशियों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी।

धनु राशि

मकर संक्रांति धनु राशि वालों के लिए थोड़ा कठिन समय लेकर आ सकती है। पारिवारिक मतभेद बढ़ सकते हैं और आपसी मनमुटाव का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही आर्थिक मामलों में भी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को 14 जनवरी 2026 के बाद स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। इस दौरान बीमारियों पर खर्च बढ़ सकता है, जिससे आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए सूर्य का मकर राशि में प्रवेश नकारात्मक असर डाल सकता है। इस राशि के लोगों को विवाद, तनाव और व्यवसाय में नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। मानसिक अशांति भी बढ़ सकती है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय अनावश्यक खर्च और बिजनेस में घाटे का संकेत दे रहा है। पार्टनर के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं, जिससे रिश्तों में तनाव आ सकता है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए भी मकर संक्रांति के बाद का समय कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है। कारोबार में रुकावटें आ सकती हैं और वैवाहिक जीवन में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। बनते हुए काम बिगड़ने की भी आशंका है।

ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस दौरान संयम, धैर्य और सूर्य देव की उपासना करने से नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

 

khabre junction

डिस्क्लेमर- यहां दी गई जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। khabrejunction.com इनकी पुष्टि नहीं करता।

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