मुंबई, फरवरी 2026।नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अपने प्रस्तावित आईपीओ को लेकर नियमों और निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एनएसई बोर्ड ने एक विशेष आईपीओ समिति का पुनर्गठन किया है, जो आईपीओ और लिस्टिंग से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के साथ-साथ उसकी निगरानी भी करेगी।
पुनर्गठित आईपीओ समिति में चेयरपर्सन, पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर्स और एनएसई प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। समिति की संरचना इस प्रकार है—
श्री तबलेश पांडेय – चेयरपर्सन (नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर)
श्री श्रीनिवास इंजेती – सदस्य (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
प्रो. (डॉ.) ममता बिस्वाल – सदस्य (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्रीमती अभिलाषा कुमारी – सदस्य (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
प्रो. जी. शिवकुमार – सदस्य (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
श्री आशीष कुमार चौहान – सदस्य (मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ)
एनएसई बोर्ड ने इसके साथ ही नियामकीय मंजूरियों के अधीन एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी की स्थापना को भी मंजूरी दी है, जिसके माध्यम से कोयला एक्सचेंज की स्थापना की जाएगी। प्रस्तावित सहायक कंपनी का नाम नेशनल कोल एक्सचेंज / भारत कोल एक्सचेंज / इंडिया कोल एक्सचेंज हो सकता है, जिसे मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स से नाम स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
यह सहायक कंपनी कोयला मंत्रालय द्वारा जारी प्रस्तावित कोल रेगुलेशंस, 2025 के अनुरूप गठित की जाएगी। एनएसई ने इस प्रस्तावित कोयला एक्सचेंज की सहायक कंपनी में ₹100 करोड़ तक की पूंजी निवेश को भी मंजूरी प्रदान की है।
एनएसई के इन फैसलों को बाजार पारदर्शिता, नियामकीय अनुपालन और नए ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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